
रांची, 8 जून . Jharkhand में इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान की उचित व्यवस्था न होने तथा इसके लिए किसी ठोस मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने को लेकर Jharkhand हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. इस गंभीर विषय पर दायर एक जनहित याचिका पर Monday को सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य Government और Jharkhand राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया है.
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश कुमार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की कचरा प्रबंधन प्रणाली पर चिंता जाहिर की. अदालत ने आधिकारिक तौर पर पूछा कि क्या राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए अब तक कोई गाइडलाइन या एसओपी तैयार की गई है? यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं?
खंडपीठ ने राज्य Government और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस संवेदनशील विषय पर अपना विस्तृत पक्ष प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया है. यह जनहित याचिका प्रार्थी शशि सागर वर्मा की ओर से दायर की गई है.
अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने दलील पेश करते हुए कहा कि केंद्र Government ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित प्रबंधन और निपटान को लेकर पहले ही गाइडलाइंस और नियमावली अधिसूचित कर रखी है. इस राष्ट्रीय नियमावली के अनुरूप सभी राज्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में ई-वेस्ट के संग्रह, पृथक्करण. सुरक्षित परिवहन और रिसाइक्लिंग के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करनी होती है, लेकिन Jharkhand में इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं.
याचिका में इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है कि Jharkhand में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन के लिए कोई अलग और प्रभावी व्यवस्था नहीं है. नतीजा यह है कि कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का यह खतरनाक कचरा सीधे तौर पर सामान्य घरेलू और नगर निगम के ठोस कचरे के साथ मिला दिया जाता है.
अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि तेजी से बढ़ते डिजिटलाइजेशन के कारण राज्य में ई-वेस्ट की मात्रा हर दिन रिकॉर्ड गति से बढ़ रही है. वैज्ञानिक तरीके से रिसायकल न होने के कारण इसमें मौजूद तत्व मिट्टी और भूमिगत जल को जहरीला बना रही हैं. इससे पर्यावरण प्रदूषण का खतरा तो बढ़ ही रहा है, साथ ही मानव स्वास्थ्य और मवेशियों पर भी इसके जानलेवा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं.
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एसएनसी/डीकेपी