
जबलपुर, 24 जून . Madhya Pradesh के जबलपुर उच्च न्यायालय में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के मामले पर 15 जुलाई से प्रतिदिन सुनवाई होगी. यह आदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आनंद पाठक और वीपी शर्मा की खंडपीठ ने जारी किया है.
दरअसल, Madhya Pradesh Government ने वर्ष 2019 में ओबीसी को दिए जाने वाले 14 प्रतिशत आरक्षण में वृद्धि की थी और इसे बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया गया था. Government के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है.
राज्य Government के ओबीसी आरक्षण बढ़ाए जाने के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं के अधिवक्ता अमित संघी ने संवाददाताओं को बताया है कि उच्च न्यायालय में आरक्षण बढाए जाने के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश आनंद पाठक और वी पी शर्मा की खंडपीठ ने Wednesday को अगली तारीख 15 जुलाई तय की है. राज्य में ओबीसी को अभी जो 14 प्रतिशत आरक्षण चल रहा है वही चलेगा. इस मामले पर अब 15 जुलाई से प्रतिदिन सुनवाई होगी.
उन्होंने बताया है कि इस मामले की सुनवाई का मुद्दा यही है कि राज्य में अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी का आरक्षण कुल 50 प्रतिशत होता है, ओबीसी का आरक्षण 14 प्रतिशत था, मगर Madhya Pradesh Government ने बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था. इस मामले में पूर्व में मेरी ओर से दिए गए तर्क पर न्यायालय ने 19 मार्च 2019 को अंतरिम आदेश दिया था और आरक्षण को 14 प्रतिशत रखा था.अभी भी यह जारी रहेगा. इस मामले पर 15 जुलाई से होने वाली सुनवाई के बाद संभावना है कि जल्दी फैसला जाएगा.
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एसएनपी/डीकेपी