कोडीन सिरप तस्करी कांड: मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई

प्रयागराज, 17 दिसंबर . इलाहाबाद हाईकोर्ट में Wednesday को कोडीन सिरप तस्करी कांड के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल की याचिका पर सुनवाई होगी.

शुभम जायसवाल ने गिरफ्तारी पर रोक और First Information Report रद्द करने की मांग वाली याचिका लगाई थी, जिस पर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा. राज्य Government की तरफ से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी कोर्ट में पक्ष रखेंगे.

बता दें कि वाराणसी समेत यूपी के कई जनपदों में शुभम जायसवाल व अन्य के खिलाफ First Information Report दर्ज है. कोडीन कफ सिरप की अवैध तरीके से तस्करी और खरीद-फरोख्त का आरोप है.

इससे पहले Enforcement Directorate (ईडी) ने वाराणसी में प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें उन्होंने मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के दो ठिकानों पर पहुंचकर धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की थी. इस दौरान प्रहलाद घाट स्थित मकान और सिगरा क्षेत्र में स्थित दूसरे मकान पर आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की थी और प्राथमिक जांच के बाद दोनों ठिकानों पर नोटिस चस्पा कर दिया था.

ईडी ने यह नोटिस धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी किया था. इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं और प्रतिबंधित दवाओं से जुड़े अवैध कारोबार से हुई कमाई के स्रोतों की जांच कर रही है.

ईडी का मानना है कि कफ सिरप की अवैध बिक्री से अर्जित धन को व्यवस्थित रूप से अन्य व्यवसायों और संपत्तियों में निवेश किए जाने की आशंका है. यदि जांच में वित्तीय लेन-देन और संपत्ति अर्जन को लेकर अनियमितताएं तथा धनशोधन के सबूत पाए जाते हैं, तो ईडी दंडात्मक कार्रवाई शुरू करेगी.

बता दें कि प्रतिबंधित कफ सिरप का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है. इससे पहले, कोडीन सिरप मामले में Lucknow एसटीएफ ने अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को गिरफ्तार किया था. एसटीएफ की टीम ने गोमतीनगर के ग्वारी चौराहे से अमित कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद अमित कुमार सिंह ने पूछताछ में बताया था कि आजमगढ़ के रहने वाले विकास सिंह के माध्यम से शुभम जायसवाल से परिचय हुआ था. शुभम जायसवाल का एबॉट कंपनी की फैंसेडिल कफ सिरप का शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार रांची, Jharkhand में है.

नशे के तौर पर कोडीन युक्त फैंसेडिल कफ सिरप को लेकर धनबाद में देवकृपा मेडिकल एजेंसी फर्म बनाई गई थी, जिसमें गिरफ्तार अमित टाटा ने 5 लाख रुपए लगाए थे. उसके बदले फायदे के तौर पर 22 लाख रुपए मिले थे. फायदे के लालच में अमित ने बनारस में भी ड्रग लाइसेंस लेकर फर्म खुलवाई थी.

एसएके/एएस

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