
प्रतापगढ़, 29 जून . उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में ‘हरियाली महाअभियान’ की तैयारी चल रही है. इसके तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण करके गंगा एक्सप्रेसवे को एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के तौर पर विकसित किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को टिकाऊ बनाया जा सके.
प्रतापगढ़ के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) आशुतोष गुप्ता ने इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे पेड़-पौधे लगाने को बढ़ावा मिलेगा, एक्सप्रेसवे के किनारे हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी.
डीएफओ आशुतोष गुप्ता ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि जनपद प्रतापगढ़ में कुल 58 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे. इसमें 21 लाख वन विभाग और 37 लाख पौधे अन्य विभाग लगाएंगे. इसकी शुरुआत वन महोत्सव से होनी है, जोकि एक जुलाई से सात जुलाई तक मनाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि लोगों को वन महोत्सव के दौरान पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाएगा. मानसून को देखते हुए तिथि शासन द्वारा तय की जाएगी. इसके बाद से पौधरोपण की शुरुआत होगी और 58 लाख पौधरोपण का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.
डीएफओ ने बताया कि इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 48 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे. पौधों को तीन श्रृंखला में रोपित किया जाएगा. इसको लेकर शासन द्वारा पैसा रिलीज किया जा रहा है. गंगा एक्सप्रेस-वे की कार्यदायी संस्था यूपीडा साइट को तैयार कर रही है, जहां गड्ढे हो गए हैं और जलभराव हो रहा है, उनको ठीक कर रही है. यूपीडा जैसे ही जमीन हस्तांतरित करेगी, हमारा काम शुरू हो जाएगा.
डीएफओ ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि गंगा एक्सप्रेस-वे पर इसी वर्षाकाल में पौधे रोपित हो जाएं. ज्यादातर पौधे पानी के अभाव में या साइट सही तरीके से तैयार नहीं की जाती तो सूख जाते हैं. इस बार पौधों की देखरेख के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. ग्रीन पंचायत के जरिए ग्राम प्रधान के साथ सामंजस्य बैठाया जा रहा है. कुछ जगहों पर बाड़ लगाया जाएगा.
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एएसएच/एबीएम