
राजगढ़, 28 जून . Prime Minister Narendra Modi ने ‘मन की बात’ में इस बार Madhya Pradesh के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की चर्चा की. प्लास्टिक कचरे को ईको ब्रिक्स में बदलकर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश करने वाली यहां की महिलाओं और पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति की Prime Minister ने खुलकर सराहना की. कभी शहर में प्रदूषण फैलाने वाला प्लास्टिक अब ब्यावरा की पहचान बन रहा है.
राजगढ़ जिले के ब्यावरा में शुरू हुआ यह अभियान आज जनआंदोलन का रूप ले चुका है. पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति के नेतृत्व में महिलाएं, युवा, व्यापारी और आम नागरिक घर-घर से सिंगल यूज प्लास्टिक और खाली बोतलें एकत्र करते हैं. इसके बाद इन्हें ईको-ब्रिक्स में बदलकर पार्कों, सार्वजनिक स्थलों, सेल्फी प्वाइंट, ट्री गार्ड और अन्य उपयोगी संरचनाओं के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है.
Prime Minister ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा कि ब्यावरा की बहनों ने किसी और के बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद आगे बढ़कर शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया. Prime Minister ने इस अभियान को जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए सभी बहनों और अभियान से जुड़े लोगों को बधाई दी.
सीमित संसाधनों के बावजूद समिति अब तक 20 टन से अधिक प्लास्टिक और पुनर्चक्रण योग्य कचरा एकत्र कर चुकी है. 700 से अधिक ईको-ब्रिक्स तैयार किए जा चुके हैं, जिनसे सार्वजनिक उपयोग की कई संरचनाएं बनाई गई हैं. अभियान में महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और स्कूलों की सक्रिय भागीदारी ने इसे पूरे शहर का आंदोलन बना दिया है.
ब्यावरा के लोगों का कहना है कि Prime Minister द्वारा राष्ट्रीय मंच पर इस अभियान का उल्लेख पूरे जिले के लिए गर्व की बात है. इससे न केवल स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिली है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के प्रति लोगों का उत्साह भी बढ़ा है.
अभियान से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य बनाने का संकल्प है. उनका मानना है कि यदि हर शहर और गांव इस मॉडल को अपनाए तो प्लास्टिक प्रदूषण की बड़ी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है.
ब्यावरा का यह मॉडल अब ‘वेस्ट टू वैल्यू’ की सफल मिसाल बन चुका है. प्लास्टिक कचरे को संसाधन में बदलने की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार और जनजागरूकता का माध्यम भी बन रही है. ‘मन की बात’ में Prime Minister की सराहना के बाद अब उम्मीद है कि यह मॉडल देश के दूसरे शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगा.
पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति प्रमुख अनिल कुशवाहा ने समाचार एजेंसी से कहा, “ब्यावरा नगर में पिछले 6 महीने से पॉलिथीन निस्तारण के लिए हमारी टीम काम कर रही है. हमारी टीमें सड़कों या घरों के बाहर पड़ी पॉलिथीन को एकत्रित करके पानी की खाली बोतलों में भरती हैं. इससे बोतल पत्थर की तरह मजबूत हो जाता है, जिसे हम ईको ब्रिक्स कहते हैं. इसको विभिन्न जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है. पॉलिथीन को रिसाइकिल करके बहुत सी चीजें बना रहे हैं. “प्लास्टिक कचरे से ट्री गार्ड, कुर्सी और डस्टबिन बना चुके हैं.”
उन्होंने कहा, “Prime Minister द्वारा मन की बात में सरहाना करने के बाद कई लोगों के मेरे पास सहयोग करने के लिए फोन आया. मेरी टीम में भी उत्साह है. अब इस अभियान को बड़े स्तर पर चलाएंगे. पॉलिथीन एक ऐसा जिन्न है, जो सभी को घरों में आता है. मेरी देशवासियों से अपील है कि प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें.”
अनिल कुशवाहा ने कहा, “अभियान की शुरुआत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. लोग हम पर हंसते थे. इसके बाद हमने वीडियो बनाकर social media के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया. social media पर कई लोगों ने मजाक बनाया. जब हमारी टीम रात को प्लास्टिक एकत्रित करने के लिए निकलती थी तो लोग मजाक उड़ाते थे. अब हमें 300 परिवार घरों में आने वाले पॉलीथिन एकत्रित करके देते हैं.”
राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा, “ब्यावरा की महिलाओं ने इस शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास शुरू किया है. प्लास्टिक की बोतलें और पॉलिथीन एकत्रित कर और रीसाइकिल कर रहे हैं. समिति प्लास्टिक कचरे से खिलौने सहित अन्य चीजें बना रही है. बहनों का छोटा प्रयास जल्द ही बड़ा रूप लेगा. इस संबंध में नगर पालिका प्रमुख से बात की है. Prime Minister द्वारा इस प्रयास के जिक्र से तेजी से लोग जुड़ेंगे और अभियान बड़ा रूप लेगा.”
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ओपी/डीकेपी