
गांधीनगर, 19 जून . गांधीनगर के सिविल अस्पताल में Thursday को 24 वर्षीय काजल राठौड़ को ब्रेन डेथ घोषित कर दिया गया था. परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का फैसला किया. इसके बाद Police अधिकारियों की मदद से ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण करवाया और उसके अंगों को प्रत्यारोपण के लिए Ahmedabad सिविल अस्पताल भेजा गया. दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद भी महिला के परिजनों ने उसके अंगों को दान करने का फैसला किया, ताकि किसी और मरीज को जीवनदान मिल सके.
अधिकारियों ने Friday को बताया कि महिला के परिवार ने उसकी मृत्यु के बाद अंगदान का फैसला लिया, जिसके बाद यह सफल प्रक्रिया पूरी की गई.
अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक, काजल की किडनी, अग्नाश्य और लीवर दान करने के लायक हैं. उसके इन अंगों से किसी दूसरे मरीज को जीवनदान मिल सकता है. अंग प्रत्यारोपण के लिए समय बहुत ही कम बचा हुआ था जिसे देखते हुए जीएमईआरएस अस्पताल के अधिकारियों ने गांधीनगर जिला Police को संपर्क किया और ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिए अनुमति मांगी, ताकि अंगों को यथाशीघ्र प्रत्यारोपण के लिए Ahmedabad सिविल अस्पताल पहुंचाया जाए.
इसके बाद एंबुलेंस से अंगों को भेजा गया. वरिष्ठ Police अधिकारियों के निर्देश पर गांधीनगर और Ahmedabad के Police थानों को अलर्ट कर दिया गया.
दोनों शहरों के Police ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि एंबुलेंस निर्बाध रूप से अस्पताल पहुंचे. उसे वहां पहुंचने में विलंब नहीं हो.
Police अधिकारियों की ओर से किए गए इंतजाम के बाद एंबुलेंस अपने निर्धारित समय पर Ahmedabad स्थित सिविल अस्पताल पहुंच गई.
वहीं, डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने काजल की मौत पर दुख जताया और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर की. उन्होंने कहा कि अत्यंत पीड़ा झेलने के बावजूद परिवार ने साहस दिखाते हुए काजल के अंगों को दान करने का फैसला किया.
इसके अलावा, संघवी ने मेडिकल स्टाफ का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने सफलतापूर्वक अंगदान को आसान बनाया. साथ ही, उन्होंने गांधीनगर और Ahmedabad के Police अधिकारियों की भी सराहना की, जिन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई.
उन्होंने अस्पताल और Police टीम को आदेश दिया था कि अंगों को सुरक्षित और समय से ग्रीड कॉरिडोर की मदद से पहुंचाया जाए.
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एसएचके/वीसी