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Tuesday, 3 November 2026
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गुजरात : उज्ज्वला योजना से महिलाओं के जीवन में आया बदलाव, धुएं से मुक्ति और स्वास्थ्य में सुधार

Gujarat : उज्ज्वला योजना से महिलाओं के जीवन में आया बदलाव, धुएं से मुक्ति और स्वास्थ्य में सुधार

बनासकांठा, 29 जून . केंद्र Government की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक ‘Prime Minister उज्ज्वला योजना’ से Gujarat के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. योजना के तहत मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर मिलने से लाखों महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत मिली है. महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है, समय की बचत हुई है और स्वच्छ ईंधन के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है.

Gujarat के बनासकांठा जिले की अमीरगढ़ तालुका के घांटा गांव में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिला है. कभी इस गांव की महिलाएं लकड़ी के चूल्हे पर धुएं के बीच खाना पकाने को मजबूर थीं. उन्हें खाना बनाने के लिए जंगलों और दूर-दराज के क्षेत्रों से लकड़ियां इकट्ठा करनी पड़ती थीं. बारिश के मौसम में गीली लकड़ियों के कारण खाना बनाना ज्यादा मुश्किल हो जाता था. लेकिन, उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन मिलने के बाद अब गांव की महिलाएं एलपीजी चूल्हे पर आसानी से खाना बना रही हैं और धुएं से होने वाली परेशानियों से मुक्त हो गई हैं.

घांटा गांव की लाभार्थी मीनाबेन डामोर ने बताया कि गैस सिलेंडर मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है. पहले उन्हें लकड़ियां लानी पड़ती थीं और चूल्हे के धुएं से आंखों में जलन होती थी. अब गैस पर खाना बनाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती. Government की इस योजना से उन्हें काफी लाभ हुआ है और अब रसोई का काम पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है.

योजना की एक अन्य लाभार्थी मनीषाबेन सागिया ने भी Government की पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि अब Government की ओर से गैस सिलेंडर मिल गया है. पहले बरसात के दिनों में गीली लकड़ियों के कारण खाना बनाना बेहद कठिन हो जाता था, लेकिन अब गैस पर आसानी से भोजन तैयार हो जाता है. उज्ज्वला योजना के तहत Government की ओर से गैस सिलेंडर पर सब्सिडी भी मिलती है, जिससे आर्थिक राहत भी मिल रही है.

Prime Minister उज्ज्वला योजना का प्रभाव केवल रसोई तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डाला है.

बनासकांठा के चिकित्सक डॉ. अंतिक केला ने बताया कि पहले महिलाओं में सांस से जुड़ी बीमारियां जैसे सीओपीडी और अस्थमा काफी सामान्य थीं. मरीजों की ट्रीटमेंट-हिस्ट्री लेने पर पता चलता था कि वे वर्षों तक चूल्हे पर खाना बनाती रही थीं, जिसके कारण उनके शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसें पहुंचती थीं. अब Prime Minister उज्ज्वला योजना के कारण अधिकांश घरों में चूल्हे की आवश्यकता समाप्त हो गई है और इसी वजह से महिलाओं में सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में काफी कमी देखने को मिली है.

योजना के प्रभाव के बारे में जानकारी देते हुए बनासकांठा के जिला आपूर्ति अधिकारी भव्य निनामा ने बताया कि Prime Minister उज्ज्वला योजना के तहत लगभग दो लाख एलपीजी कनेक्शन सक्रिय हैं. इन लाभार्थियों को अब तक करीब छह करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है. इस योजना के कारण लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और उनके जीवन में सुख-सुविधाओं की बढ़ोतरी हुई है.

बता दें कि Prime Minister उज्ज्वला योजना के दस वर्ष पूरे हो चुके हैं. इस अवधि में देशभर में 10 करोड़ 50 लाख से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं. Gujarat में भी करीब 44 लाख से अधिक गरीब महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है.

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पीएसके/एबीएम

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