
गांधीनगर, 26 मई . Gujarat Government ने Tuesday को सहकारी चीनी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय और नीतिगत उपाय को मंजूरी दी. इसके साथ ही किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ग्रीष्मकालीन मूंग बेचने के लिए पंजीकरण शुरू किया गया. इससे राज्य भर में दो लाख से अधिक किसानों और सहकारी संस्थाओं को संयुक्त रूप से राहत मिलेगी.
इस निर्णय की घोषणा करते हुए कृषि और सहकारिता मंत्री जीतू वाघानी ने कहा कि राज्य Government ने 2007-08 से 2014-15 की अवधि के दौरान सहकारी चीनी मिलों द्वारा किसानों को भुगतान किए गए गन्ने के मूल्यों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है.
इस निर्णय से Gujarat की सहकारी चीनी मिलों को लगभग 1,500 करोड़ रुपए की वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय से लंबित कर संबंधी बोझ प्रभावी रूप से समाप्त हो जाएगा.
मंत्री ने कहा कि यह मुद्दा तब उठा जब आयकर विभाग ने केंद्र Government द्वारा निर्धारित उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) से अधिक किए गए भुगतानों को लाभ मानकर कई सहकारी चीनी मिलों को कर मांग नोटिस जारी किए.
इससे इस क्षेत्र पर लगभग 1,500 करोड़ रुपए की संभावित देनदारी उत्पन्न हो गई. उन्होंने कहा कि अब इस मंजूरी से सहकारी मॉडल में राजस्व-साझाकरण प्रथाओं के तहत किए गए इन भुगतानों को औपचारिक मान्यता मिल गई है.
क्षेत्र के कामकाज की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि Gujarat की चीनी सहकारी समितियों ने गुड़, इथेनॉल और सह-उत्पादित बिजली जैसे उप-उत्पादों से होने वाली आय को किसानों में लगातार वितरित किया है, जिसके परिणामस्वरूप अन्य कई राज्यों की तुलना में गन्ना उत्पादकों को बेहतर लाभ प्राप्त हुआ है.
सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर हुए विधायी और नीतिगत परिवर्तनों के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है.
अधिकारियों ने बताया कि Narendra Modi और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में, 2023 में आयकर अधिनियम में संशोधन किए गए, जिससे राज्य द्वारा अनुमोदित गन्ना मूल्य निर्धारण संरचनाओं को कर उद्देश्यों के लिए मान्यता दी जा सकी.
इसके बाद, राज्य Government ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसने उक्त अवधि के दौरान किए गए भुगतानों को औपचारिक रूप से मंजूरी देने की सिफारिश की.
इस निर्णय के साथ ही, कृषि विभाग ने 2025-26 सीजन के लिए एमएसपी योजना के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करने की घोषणा की है.
पंजीकरण 27 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगा और Gujarat भर के ई-ग्राम केंद्रों पर किया जाएगा. किसानों को बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या चेहरे के प्रमाणीकरण के माध्यम से पंजीकरण पूरा करना होगा.
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एमएस/