गुजरात: 24 घंटे में 225 तालुकों में हुई बारिश, हाई अलर्ट पर कई बांध

गांधीनगर, 7 जुलाई . Gujarat में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून की बारिश दर्ज की गई. दक्षिण Gujarat और सौराष्ट्र के कई हिस्सों में सबसे अधिक वर्षा हुई है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. वहीं, राज्य के जलाशय तेजी से भर रहे हैं और आपदा राहत टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं.

गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, Tuesday सुबह तक के 24 घंटों में राज्य के 34 जिलों के 225 तालुकों में हल्की से भारी बारिश दर्ज की गई.

वलसाड जिले के वापी तालुका में राज्य में सबसे अधिक बारिश हुई, जहां 8 इंच से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई. वहीं, इसी जिले के पारडी और उमरगाम तालुकों में 6-6 इंच से अधिक बारिश हुई.

सूरत जिले के कामरेज तालुका और भावनगर जिले के घोघा तालुका में भी 6 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई.

7 जुलाई की सुबह 6 बजे तक Gujarat में इस मानसून सीजन की कुल वर्षा सामान्य औसत का 20.44 प्रतिशत पहुंच चुकी थी. इस दौरान सौराष्ट्र क्षेत्र में सबसे अधिक 26.79 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई, जबकि दक्षिण Gujarat में 24.98 प्रतिशत वर्षा हुई.

मध्य और उत्तर Gujarat क्षेत्र में 15.20 प्रतिशत, उत्तर Gujarat में 11.99 प्रतिशत और कच्छ में सबसे कम 1.92 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई.

लगातार हो रही बारिश से राज्य के जलाशयों में पानी का स्तर भी बढ़ा है. Tuesday सुबह 8 बजे तक सरदार सरोवर डैम में 2.17 लाख मिलियन क्यूबिक फीट (एमसीएफटी) पानी संग्रहित था, जो इसकी कुल क्षमता का लगभग 65 प्रतिशत है.

राज्य के अन्य 206 जलाशयों में उनकी कुल भंडारण क्षमता का 40.01 प्रतिशत पानी भर चुका है.

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 11 बांधों को ‘हाई अलर्ट’, 4 बांधों को ‘अलर्ट’ और 7 बांधों को ‘वॉर्निंग’ श्रेणी में रखा गया है. यह कदम जलाशय निगरानी संबंधी नियमों के तहत उठाया गया है.

राज्य Government ने बताया कि 1 जून से मानसून शुरू होने के बाद से अब तक 1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 134 लोगों को बचाया गया है.

मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की कुल 36 टीमें राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं.

एएमटी/डीकेपी

Leave a Comment