
खेड़ा (Gujarat), 30 मई . Gujarat के खेड़ा जिले में एक बेहद मानवीय और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासन और Police ने एक विचाराधीन महिला और उसके नवजात शिशु की सुरक्षा तथा घर वापसी की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली. यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी है, बल्कि इसमें इंसानियत की एक प्रेरणादायक मिसाल भी देखने को मिली.
आनंद स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और नडियाद जिला जेल प्रशासन ने एक बेसहारा प्रवासी महिला तथा उसके नवजात बच्चे की मदद की. यह महिला एक आपराधिक मामले में विचाराधीन थी और हाल ही में उसने जेल में ही एक बच्चे को जन्म दिया था. जमानत मिलने के बाद जब उसे रिहा किया गया, तो उसे घर ले जाने के लिए उसका कोई परिजन आगे नहीं आया.
सूत्रों के अनुसार, यह मामला खंभात क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में महिला को उसके पति और देवर के साथ सह-आरोपी बनाया गया था. परिवार मूल रूप से Madhya Pradesh के अलीराजपुर जिले का रहने वाला है और रोजगार की तलाश में Gujarat आया था.
महिला जब नडियाद जिला जेल में थी, तब वह गर्भवती थी और उसके साथ उसका दो वर्षीय बच्चा भी था. 21 मई को उसे प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसे पहले नडियाद सिविल अस्पताल और फिर बेहतर उपचार के लिए Ahmedabad सिविल अस्पताल भेजा गया. वहां उसने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया. उपचार के बाद उसे वापस नडियाद जिला जेल लाया गया, जहां वह अपने दोनों छोटे बच्चों के साथ रह रही थी.
जमानत मिलने के बावजूद स्थिति कठिन बनी रही, क्योंकि उसका पति और देवर अभी भी हिरासत में थे और परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कोई भी सदस्य उसे लेने नहीं आ सका. ऐसे में वह महिला अपने नवजात और छोटे बच्चे के साथ असहाय स्थिति में थी.
इसी दौरान नडियाद जिला जेल प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसकी मदद करने का निर्णय लिया. Gujarat Police के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. के.एल.एन. राय के मार्गदर्शन में एक विशेष वाहन की व्यवस्था की गई, ताकि महिला और उसके बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके गृह राज्य Madhya Pradesh के अलीराजपुर जिले तक पहुंचाया जा सके.
इस पूरी प्रक्रिया में एक स्थानीय धर्मार्थ संस्था ने भी सहयोग दिया. यात्रा के दौरान दो Policeकर्मी महिला और उसके दोनों बच्चों के साथ लगातार मौजूद रहे, ताकि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके.
Madhya Pradesh पहुंचने पर स्थानीय Police को भी सूचना दी गई और आपसी समन्वय के साथ महिला को उसके परिवार से मिला दिया गया. इस लंबे सफर के बाद जब महिला अपने घर और परिजनों से मिली, तो यह पल उसके लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण था.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा प्रयास केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था, बल्कि मानवता और संवेदनशील प्रशासन की एक मिसाल भी है. परिवार ने भी Gujarat Police, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जेल प्रशासन का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कठिन समय में उनका साथ दिया और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की.
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एसएचके/एएस