
Ahmedabad, 2 दिसंबर . Gujarat की लड़कियों के लिए राज्य Government की ‘Chief Minister कन्या केलवणी निधि योजना’ वरदान साबित हुई है. इसी योजना के तहत कई छात्राएं Ahmedabad के डॉक्टर एमके शाह मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं.
दरअसल, Gujarat में Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में बालिकाओं की हायर एजुकेशन के लिए चलाई जा रही ‘Chief Minister कन्या केलवणी निधि योजना’ के तहत इन छात्राओं को मेडिकल कॉलेज की भरी-भरकम फीस भरने के लिए वित्तीय मदद मिल रही है.
अंकलेश्वर की रहने वाली मेडिकल छात्रा राशि ने बताया कि मेरे परिवार की इतनी आर्थिक इनकम नहीं थी कि वे मेडिकल की फीस भर सकें. हमने Government की स्कीम का लाभ लिया. ‘Chief Minister कन्या केलवणी निधि योजना’ के तहत मेडिकल कॉलेज की भारी-भरकम फीस भरने के लिए मदद मिली है.
अरवल्ली की छात्रा मनाली ने बताया कि मेरी इच्छा थी कि एमबीबीएस की पढ़ाई करूं, लेकिन हमारे परिवार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं थी. ‘Chief Minister कन्या केलवणी निधि योजना’ का मुझे लाभ मिला है.
‘Chief Minister कन्या कैलवणी निधि योजना’ के अंतर्गत 6 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को ‘नीट’ एक्जाम पास करने के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए 4 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद दी जाती है. 2017-18 में शुरू की गई इस योजना की वजह से Gujarat के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं की संख्या में खासी वृद्धि दर्ज की गई है.
एमकेएस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर एमएम प्रभाकर ने कहा कि Gujarat Government की ‘Chief Minister कन्या केलवणी निधि योजना’ से छात्राओं को लाभ मिला है और इससे ड्रॉपआउट रेट कम हुआ है. हमारे कॉलेज की कई लड़कियों को इस स्कीम का लाभ मिल रहा है.
योजना के तहत साल 2024-25 में Gujarat Government की ओर से 5,155 छात्राओं को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 162.69 करोड़ रुपए की फाइनेंशियल मदद दी गई, जबकि इस योजना के तहत अब तक राज्य में 26,972 छात्राओं को डॉक्टर बनने के लिए 798.11 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है.
Gujarat और देश के डेवलपमेंट के लिए यह बहुत जरूरी है कि बेटियां काबिल बनें. Chief Minister भूपेंद्र पटेल की विजनरी लीडरशिप में Government की यह योजना पीएम Narendra Modi के बेटियों को सशक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने में क्रांतिकारी साबित हो रही है.
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डीसीएच/