गुजरात: सीआर पाटिल ने जल संरक्षण अभियान सराहा, नमामि गंगे की प्रगति पर दी जानकारी

राजकोट, 16 दिसंबर . केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने राजकोट में एक कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम समाप्ति के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने जल संरक्षण और नमामि गंगे अभियान पर विस्तार से चर्चा की.

मंत्री पाटिल ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने देशवासियों से आह्वान किया है कि जल संचय और जल आंदोलन को जन-भागीदारी का स्वरूप दिया जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि अपनी कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संरक्षण में योगदान देना हर नागरिक का कर्तव्य है. इस अभियान को देशभर में जबरदस्त समर्थन मिला है और लोगों ने भरपूर सहयोग किया है.

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन और जल संरक्षण अभियान के तहत अब तक देश में लगभग 35 लाख जल संरक्षण संरचनाएं निर्मित की जा चुकी हैं. Gujarat का मॉडल कई राज्यों ने अपनाया है, जबकि कुछ राज्य Gujarat से आगे भी निकल गए हैं. मंत्री ने कहा कि Prime Minister का सपना है कि हर जगह जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध हो और इस दिशा में केंद्र Government लगातार प्रयासरत है.

उन्होंने कहा, “Prime Minister मोदी ने जल संचय को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है. Gujarat मॉडल को अपनाने वाले राज्य आगे बढ़ रहे हैं और हमारा लक्ष्य है कि जहां जितना पानी चाहिए, वहां उतना पानी पहुंचे.”

सीआर पाटिल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर नमामि गंगे अभियान की प्रगति साझा की. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि नमामि गंगे केवल एक योजना नहीं, बल्कि मां गंगा के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है. वर्ष 2025 में अब तक 39 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे कुल पूर्ण परियोजनाओं की संख्या 344 हो गई है. इसके अलावा 2,368 करोड़ रुपए की लागत से 34 नए प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिससे कुल परियोजनाओं की संख्या 513 तक पहुंच गई है.

मंत्री ने लिखा, “हर निर्णय और हर परियोजना के केंद्र में एक ही भावना है—गंगा हमारी है और उसकी स्वच्छता हमारी प्राथमिकता.”

बता दें कि नमामि गंगे अभियान गंगा नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए शुरू किया गया महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का प्रतीक बन चुका है.

एससीएच/डीएससी

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