गुजरात के सीएम ने 13 लाख छात्रों को डीबीटी के जरिए 370 करोड़ रुपये की छात्रवृतियां दीं

गांधीनगर, 12 दिसंबर . Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने Friday को राज्य की प्रमुख शिक्षा योजनाओं नमो लक्ष्मी, नमो सरस्वती विज्ञान साधना, Chief Minister ज्ञान साधना मेरिट स्कॉलरशिप और Chief Minister ज्ञान सेतु मेरिट स्कॉलरशिप के तहत आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता की.

इस अवसर पर पूरे राज्य के 13 लाख से अधिक छात्रों को 370 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्तियां डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गईं.

गांधीनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में उपChief Minister हर्ष सांघवी, शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमनसिंह वाजा, राज्य मंत्री रिवाबा जाडेजा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.

Chief Minister ने अपने संबोधन में कहा कि Prime Minister Narendra Modi के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने देशभर में बालिकाओं की शिक्षा को नई गति दी है. उन्होंने याद किया कि किस प्रकार मोदी के Gujarat के Chief Minister रहते हुए शुरू किए गए स्कूल प्रवेशोत्सव और कन्या केलवणी महोत्सव जैसे अभियानों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बदल दिया और परिवारों में बेटियों की पढ़ाई के प्रति नई जागरूकता पैदा की.

उन्होंने कहा कि Gujarat ने केजी से पीजी तक निरंतर और सुगम शिक्षा उपलब्ध कराने के Prime Minister मोदी के विज़न को पूरा किया है. शिक्षा को किसी राज्य और देश के विकास की नींव बताते हुए सीएम ने छात्रों से समर्पण के साथ ज्ञान अर्जित करने और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति गर्व भाव रखने का आह्वान किया.

Chief Minister पटेल ने कहा कि युवा शक्ति आने वाले वर्षों में विकसित Gujarat, आत्मनिर्भर Gujarat, विकसित India और आत्मनिर्भर India के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

पिछले दो दशकों में Gujarat की शिक्षा अवसंरचना में तेज़ी से विस्तार हुआ है. स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य ने मजबूत तंत्र तैयार किया है. स्कूल प्रवेशोत्सव, उन्नत कक्षाएं, डिजिटल टूल्स, स्मार्ट स्कूल, बेहतर शिक्षक भर्ती और कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पहुंच सुनिश्चित की गई है.

उच्च शिक्षा स्तर पर भी राज्य में विश्वविद्यालयों, मॉडल कॉलेजों, स्किल यूनिवर्सिटीज़ और विशेष इंजीनियरिंग–मेडिकल–रिसर्च संस्थानों का सशक्त नेटवर्क विकसित किया गया है. नमो लक्ष्मी, नमो सरस्वती और विभिन्न मेरिट स्कॉलरशिप योजनाओं ने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता और पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.

हॉस्टल सुविधाओं, एसटीईएम लैब, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के बढ़ते निवेशों ने शिक्षा को उद्योगोन्मुख और समावेशी बनाने में योगदान दिया है.

डीएससी

Leave a Comment