
Ahmedabad, 18 मार्च . अधिकारियों ने Wednesday को बताया कि Gujarat एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में मेफेड्रोन बनाने वाली एक अवैध यूनिट का पता लगाया है. यह कार्रवाई Ahmedabad में हुई एक जब्ती के बाद शुरू हुई जांच के दौरान की गई.
इस मामले की शुरुआत 1 मार्च को हुई, जब एटीएस अधिकारियों ने Ahmedabad के दानिलिमडा इलाके में शफात अहमद उर्फ चांद मोहम्मद फारूकी से 4.6 ग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया.
इस जब्ती के आधार पर, सोहेल उर्फ भूरा मिर्जा (25) और फरहान उर्फ भूरा पठान (38), जो दोनों Ahmedabad के रहने वाले हैं, को भी गिरफ्तार कर लिया गया. यह नशीला पदार्थ शफात को इन्हीं दोनों लोगों ने सप्लाई किया था.
एटीएस Police स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी), 22(बी) और 29 के तहत एक मामला दर्ज किया गया. जांच के दौरान, एटीएस ने ‘टॉप-डाउन’ (ऊपर से नीचे) और ‘बॉटम-अप’ (नीचे से ऊपर) दोनों तरह के तरीकों का इस्तेमाल किया.
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सोहेल मिर्जा ने पंकज और कपिल नाम के दो लोगों से लगभग 300 ग्राम मेफेड्रोन खरीदा था. इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, एटीएस की टीमों ने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी जुटाई, जिससे पता चला कि ये दोनों अंबेडकरनगर में मेफेड्रोन के अवैध निर्माण में शामिल थे.
एटीएस की एक विशेष टीम ने 12 दिनों तक कई संदिग्ध जगहों पर निगरानी रखी. रामनगर कर्री गांव में एक टिन शेड के पास कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश Police की मदद से वहां छापा मारा गया. जांचकर्ताओं ने पाया कि यह गुप्त धंधा लगभग छह महीनों से चल रहा था.
मौके से दो आरोपियों, कपिलदेव शर्मा (31) और रामशंकर उर्फ पंकज परशुराम (30), को गिरफ्तार किया गया. ये दोनों ही उत्तर प्रदेश के बेनी गद्दोपुर गांव के रहने वाले हैं. अधिकारियों ने बताया कि दोनों ने सिर्फ स्कूली स्तर तक ही पढ़ाई की है.
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल जब्त किया गया. इसमें 6 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन, 50 किलोग्राम तरल मेफेड्रोन, 88 किलोग्राम ‘2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन’ (जिसे हाल ही में एक ‘नियंत्रित पदार्थ’ घोषित किया गया है), और लगभग 200 किलोग्राम अन्य कच्चा माल और रसायन शामिल थे.
एटीएस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सुनील जोशी ने कहा, “India Government और Gujarat Government की नशीले पदार्थों के मामले में जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है. इस पॉलिसी के तहत, ऐसी गतिविधियों में शामिल सभी आरोपियों को एटीएस टीम द्वारा गिरफ्तार किया जाता है. Ahmedabad के एक व्यक्ति, शफात, के पास से नशीले पदार्थ मिले थे, और आगे की जांच से हमें एक बड़े नेटवर्क का पता चला.”
उन्होंने आगे कहा, “दोनों मुख्य आरोपियों को हमने अपनी हिरासत में ले लिया है और हम उनके काम करने के तरीके, सप्लाई चेन वगैरह की जांच करेंगे.”
सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है.
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एससीएच