
रांची, 17 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच Government और आंदोलनकारी छात्रों के बीच Monday को एक बार फिर वार्ता होगी. आंदोलन के 24वें दिन दोपहर दो बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में Government के चार मंत्रियों का समूह जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेगा.
छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ वार्ता में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है. आंदोलनकारी छात्र जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की दो प्रमुख मांगों पर कायम हैं. Government और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक दोनों प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है. ऐसे में आज की वार्ता को आंदोलन के मौजूदा गतिरोध को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राज्य Government की ओर से छात्रों को बातचीत का यह प्रस्ताव Sunday को दिया गया. अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर ने आंदोलनकारियों को वार्ता की जानकारी दी. Government ने छात्रों के विधिक सलाहकारों को भी बातचीत में शामिल होने की अनुमति देने की बात कही है. वार्ता से एक दिन पहले Sunday शाम आंदोलनकारी छात्रों ने रांची में विरोध मार्च निकाला. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकला मार्च अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचा. यहां छात्रों ने Chief Minister हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार के राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके.
छात्रों ने Government के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया. छात्रों ने 20 अगस्त को Chief Minister आवास घेराव का ऐलान किया है. जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच का कहना है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे. छात्र आंदोलन की दो प्रमुख मांगों को लेकर Government का अब तक का रुख अलग है. वर्ष 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के माध्यम से दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं.
Government का तर्क है कि इस चरण पर परीक्षा रद्द करना व्यावहारिक रूप से कठिन है. Government यह भी कहती रही है कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की जांच पहले हुई है और मामला न्यायिक प्रक्रिया से भी गुजर चुका है. फिलहाल मामले से जुड़ी जांच राज्य की सीआईडी कर रही है. छात्र सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं जता रहे हैं. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अब तक हुई जांच से उनका विश्वास बहाल नहीं हुआ है. वे पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं.
दूसरी ओर, Government की ओर से सीबीआई जांच के विकल्प के रूप में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव सामने आ चुका है. हालांकि, आंदोलनकारी छात्र इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. इस बीच, Government और छात्रों के बीच पूर्व की वार्ताओं में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति बनी है. Government 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी कर चुकी है. आंदोलनकारी छात्रों ने पहली बार Chief Minister हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है.
हालांकि, Government के साथ आज होने वाली बातचीत में मुख्य फोकस भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और छात्रों की प्रमुख मांगों पर रहने की संभावना है. अब सबकी निगाहें दोपहर दो बजे होने वाली इस वार्ता पर टिकी हैं. यदि Government और छात्रों के बीच किसी साझा समाधान पर सहमति बनती है तो करीब साढ़े तीन सप्ताह से चल रहे आंदोलन को विराम देने की राह खुल सकती है. वहीं, बातचीत विफल रहने की स्थिति में 20 अगस्त के प्रस्तावित Chief Minister आवास घेराव को लेकर आंदोलन और तेज होने की संभावना है.
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एसएनसी/एएस