सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान खोजने का प्रयास करें: मध्य प्रदेश के राज्यपाल

Bhopal , 22 अप्रैल . Madhya Pradesh के Governor मंगुभाई पटेल ने कहा कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे स्वच्छता, शिक्षा, जल संरक्षण, लैंगिक समानता, प्राथमिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए.

राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पांचवें “समर्थ India कॉन्क्लेव” के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए Governor पटेल ने कहा कि कौशल आधारित सामाजिक उद्यमिता विकसित India का पथ है. इस दिशा में वैचारिक स्तर पर चिंतन की पहल समसामयिक है. कॉन्क्लेव, शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी की समाप्ति के लिए समाधान का वैचारिक मंच बने.

उन्होंने कहा कि कौशल और सामाजिक उद्यमिता से विकसित India निर्माण के चिंतन में सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे स्वच्छता, शिक्षा, जल संरक्षण, लैंगिक समानता, प्राथमिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के समाधान खोजने का प्रयास किया जाना चाहिए.

Governor पटेल ने कहा कि डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल पर विचार जरूरी है, ताकि आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता के ठोस उपाय खोंजें जाए. उन्होंने कहा समय की आवश्यकता है कि Governmentी, कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं गैर-लाभकारी संगठन के समन्वित और एकजुट प्रयासों को नवाचारी सोच और सतत विकास के लिए, उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाए.

Governor पटेल ने प्रतिभागियों से कौशल आधारित सामाजिक उद्यमिता के द्वारा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील और व्यवहारिक नवाचारों पर चिंतन का आव्हान किया. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, समृद्ध, सशक्त और विकसित India की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है. स्किल इंडिया मिशन, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया आदि योजनाओं से देश में सशक्त स्टार्ट-अप इको सिस्टम बना है.

उन्होंने कहा कि जरूरी है कि हम समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने नए और उपयोगी तरीके विकसित करें, ताकि गरीब और वंचित लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार एवं खुशहाली आए. Governor पटेल ने कहा कि हमारी लगभग 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है. युवाओं को जमीनी स्तर से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है. उन्हें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर, नई और रचनात्मक पहल के द्वारा आर्थिक परिवर्तन का माध्यम तथा समावेशी विकास का सहभागी बनाना होगा. डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल और आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता के ठोस उपायों से परिचय करना होगा.

एसएनपी/डीएससी

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