
चेन्नई, 3 जुलाई . द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने टीवीके विधायक को तोड़ने की कोशिशों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि यह एक साजिश है और विरोधी यह साबित करना चाहते हैं कि हम हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) कर रहे हैं.
समाचार एजेंसी से बात करते हुए टीकेएस इलांगोवन ने कहा, “वे (टीवीके) यह कैसे कह सकते हैं कि डीएमके हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल है? वे बस एक मामला बना रहे हैं. डीएमके एक विधायक को क्यों खरीदेगी? इसका क्या फायदा है?”
उन्होंने कहा, “हम मुख्य विपक्षी पार्टी हैं. हम सिर्फ एक विधायक के साथ Government नहीं बना सकते हैं और न ही वह एक विधायक टीवीके प्रमुख विजय को हराने वाला है. फिर एक विधायक को खरीदने का क्या मकसद है? वे साजिश रच रहे हैं और साबित करना चाहते हैं कि हम हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं.”
टीकेएस इलांगोवन ने कहा, “उन्होंने (टीवीके) 35 करोड़ रुपए की बात कही है. 35 करोड़ रुपए खर्च करने का क्या मकसद है? उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा. हमें उसके चुनाव के लिए फिर से पैसा खर्च करना होगा. इन सब चीजों का क्या मकसद है? वे बस डीएमके पर यह आरोप लगाना चाहते हैं कि वे हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल हैं.”
एआईएडीएमके के डीएमके के साथ हाथ मिलाने की खबरों पर टीकेएस इलांगोवन ने कहा, “ये सरासर झूठ हैं. टीवीके किसी Political पार्टी की तरह काम नहीं कर रही है. यह झूठ पर टिकी एक ‘सिनेमा पार्टी’ की तरह व्यवहार कर रही है. डीएमके और एआईएडीएमके मिलकर Government कैसे बना सकते हैं? 50 से अधिक सालों से ये दोनों पार्टियां Political प्रतिद्वंद्वी रही हैं और तमिलनाडु में बारी-बारी से सत्ता में रही हैं. यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है.”
वहीं, मेकेदातु बांध प्रोजेक्ट विवाद पर डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलांगोवन ने कहा, “जब तक हम सत्ता में थे, ऐसा नहीं हुआ. टीवीके-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में आने के बाद यह शुरू हुआ है. तमिलनाडु की जनता को जवाब देना कांग्रेस की जिम्मेदारी है. उन्हें यह काम रोकना चाहिए क्योंकि यह गलत है. नदी पर कोई भी काम शुरू करने से पहले निचले बहाव वाले राज्यों से मंजूरी लेना जरूरी है. यह ट्रिब्यूनल और Supreme court , दोनों का आदेश है. देखते हैं कि यह Government क्या करती है.”
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डीसीएच/