
New Delhi, 10 अप्रैल . Supreme Court ने गाजियाबाद में चार साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या मामले में लापरवाही बरतने के आरोप मे गाजियाबाद Police कमिश्नर और एसएचओ को Monday को अदालत में तलब किया है.
Police पर दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को कस्टडी में पैर मे गोली मारने का भी आरोप लगा है. गाजियाबाद में चार साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले में, Supreme Court ने Police की कार्रवाई की कडी आलोचना की.
Police कस्टडी में आरोपी के पैर में गोली लगने पर भी कोर्ट ने सवाल खडा किया. Police ने कहा है कि आरोपी को लेकर जब घटना की जांच के लिए जा रहे थे तब उसने एक Policeवाले की बंदूक छीनकर फायरिंग की, जिसके बाद Police ने उसके पैरों में गोली मार दी.
Supreme Court ने कहा कि Police की थ्योरी दिलचस्प है. जस्टिस जॉयमाला बागची ने पूछा कि कोई आरोपी Police कस्टडी में रहते हुए, वह भी एक Policeवाले की बंदूक छीनकर, फायरिंग करने की कोशिश कैसे कर सकता है.
कोर्ट ने Monday की सुनवाई के दौरान Police कमिश्नर और एसएचओ को आरोपों पर सफाई देने के लिए खुद कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है.
Police पर यह भी आरोप लगाया गया है कि Police ने पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर करने की कोशिश की है और पीड़ित के परिवार पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया.
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मजदूर की चार वर्षीय बच्ची थी, जिसको 16 मार्च को उनके पड़ोस के एक शख्स चॉकलेट दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था. काफी देर बाद तक भी जब बच्ची घर नहीं लौटी तो उसके पिता ने उसे ढूंढना शुरू किया. पिता ने जब बच्ची को पाया तो वो बेहोश पड़ी थी और खून से लथपथ थी. उस बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था.
बच्ची को तुरंत पास ही के दो प्राइवेट अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन उन्होंने बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया. अंत में बच्ची को एक Governmentी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
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एमएस/