बंगाल के गौरव जादवपुर विश्वविद्यालय को बदनाम किया जा रहा है: तन्मय घोष

कोलकाता, 24 अप्रैल . जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर पीएम मोदी के बयान पर टीएमसी नेता तन्मय घोष ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिन लोगों का India के स्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था, वे अब बंगाल के गौरव जादवपुर विश्वविद्यालय को बदनाम करने की हिम्मत कर रहे हैं.

उन्होंने लिखा कि यह हमारी बौद्धिक विरासत पर एक खुला हमला है और विरोध की आवाज को दबाने का एक प्रयास है. उन्होंने लिखा कि क्या इस देश में अब हमें बोलने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है? बोलने की आजादी एक लोकतांत्रिक अधिकार है, कोई ऐसी विशेषाधिकार नहीं जिसे कुचला जाए.

उन्होंने लिखा कि जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्र और पूर्व छात्र दुनियाभर में एकजुट होंगे. एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे और हम इस लड़ाई को माननीय President तक ले जाएंगे.

बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भाजपा पर निशाना साधा है. ममता बनर्जी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि बड़े दुख के साथ पूछना पड़ रहा है, क्या प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों का वर्णन करने का आपका यही तरीका है? क्या शालीनता और शिष्टाचार को लेकर आपकी यही सोच है? जादवपुर विश्वविद्यालय को आपकी Government के एनआईआरएफ रैंकिंग फ्रेमवर्क में साल-दर-साल शीर्ष स्थान मिलते रहे हैं और आप उसी ‘उत्कृष्टता के केंद्र’ का अपमान करने पर उतर आए हैं? आप इतना नीचे गिर गए हैं?

सीएम ममता ने लिखा कि विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपनी जगह अपनी योग्यता के बल पर बनाई है. वे यहां से डिग्रियां लेकर निकलते हैं और साथ में लेकर निकलते हैं अपनी बौद्धिक क्षमता और सवाल पूछने की हिम्मत. यह अराजकता नहीं है. यह शिक्षा है और यही उत्कृष्टता है.

उन्होंने लिखा कि छात्रों का अपनी आवाज उठाना अराजकता नहीं है. अराजकता तो न्याय के बजाय सत्ता के औजार के रूप में बुलडोजरों का इस्तेमाल करना है. सीएम ने लिखा कि अराजकता तब होती है, जब किसान मरते हैं और उनकी आवाज को कुचल दिया जाता है. अराजकता तब होती है, जब दुष्कर्म और अन्य जघन्य अपराधों के दोषी लोग Political स्वार्थ के चलते आजाद घूमते हैं.

एसडी/वीसी

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