‘सेव द अर्थ’ सम्मेलन में गडकरी की तारीफ, मंत्री आशीष जायसवाल ने बताया दूरदर्शी नेता

New Delhi, 22 अप्रैल . Maharashtra Government के मंत्री आशीष जायसवाल ने Union Minister नितिन गडकरी को दूरदर्शी नेता बताया. उन्‍होंने कहा कि Wednesday को ‘सेव द अर्थ’ सम्मेलन में नितिन गडकरी द्वारा दिया गया विस्तृत मार्गदर्शन एक नेता के तौर पर उनकी दूरदृष्टि को दर्शाता है. वह एक दूरदर्शी नेता हैं, जिन्होंने पूरे देश को सही दिशा देने के लिए लगातार काम किया है.

मंत्री आशीष जायसवाल ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को लेकर राज्य की प्रतिबद्धता को विस्तार से रखा. उन्होंने Union Minister नितिन गडकरी के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन एक दूरदर्शी नेता की सोच को दर्शाता है. जायसवाल ने कहा कि गडकरी ने न केवल देश को सही दिशा देने का काम किया है, बल्कि नागपुर में कई नवाचार आधारित परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू कर एक उदाहरण भी पेश किया है.

से बातचीत में जायसवाल ने बताया कि Maharashtra Government पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राज्य को एक मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक योजनाएं तैयार की जा रही हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही मंत्रिमंडल के सामने एक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसके तहत बड़े स्तर पर कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा.

जायसवाल के अनुसार, राज्य Government का लक्ष्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना है, ताकि “विकास भी और विरासत भी” के संकल्प को साकार किया जा सके.

उन्होंने आगे बताया कि Maharashtra ने माइनिंग और मनरेगा जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिन्हें देशभर में सराहा गया है. ‘सेव द अर्थ’ पहल के तहत राज्य Government ने 300 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. यह पहल ‘विकसित Maharashtra 2047’ के विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा है, और हाल ही में पारित राज्य बजट के अनुरूप समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है.

पूर्व एमएलसी पाशा पटेल ने Union Minister नितिन गडकरी के बायोफ्यूल पर जोर देने के बयान की सराहना की. उन्‍होंने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, “दिल्ली में रहने वाले लोग कह रहे हैं कि दिल्ली एक ‘कार्बन चैंबर’ बन गई है. यह बात पूरी दुनिया में कही जा रही है. यह दावा भी किया जा रहा है कि अगर कोई गांव का व्यक्ति दिल्ली में रहता है, तो उसकी जीवन प्रत्याशा लगभग 12 साल कम हो सकती है. पृथ्‍वी को कार्बन उत्‍सर्जन से बचाने की जरूरत है.’सेव द अर्थ’की मुहिम अब हमें पूरे देश में चलानी है.

एएसएच/वीसी

Leave a Comment