
New Delhi, 2 जुलाई . BJP MP मनन कुमार मिश्रा ने किच्छा जमीन विवाद, राम मंदिर से जुड़े चंदा मामले, फैजाबाद बार एसोसिएशन की शिकायत, अरविंद केजरीवाल के आरोपों और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया दी.
उत्तराखंड में किच्छा जमीन विवाद पर मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा एंड कंपनी उस जमीन को हड़पना चाहते हैं, जो कीमती होती है. अब इसमें मुझे नहीं लगता है कि वर्तमान Government में ये लोग उसमें सफल हो जाएंगे. लेकिन इन लोगों का एक बहुत सोची-समझी यह साजिश है कि जमीन को हड़प लिया जाए.
फैजाबाद बार एसोसिएशन द्वारा चंपत राय, अनिल राय, गोपाल राय और अन्य के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत पर उन्होंने कहा कि शिकायत कोई भी दर्ज करा सकता है, चाहे वह कोई वकील हो या बार एसोसिएशन. इस मामले में पहले से ही एसआईटी की जांच चल रही है. First Information Report पहले ही दर्ज हो चुकी है. First Information Report में कुछ लोगों के नाम हैं और कुछ अज्ञात हैं. सभी के खिलाफ First Information Report दर्ज हुई है. इस मामले में जांच प्रक्रिया चल रही है. ऐसी स्थिति में मुझे नहीं लगता कि यह नई शिकायत टिक पाएगी, क्योंकि पहले से ही एक First Information Report दर्ज है. अब बार एसोसिएशन ने शिकायत फाइल की है, तो मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता लेकिन अगर बार एसोसिएशन के पास कोई सामग्री या सबूत है, तो उसे Police को ही दे देना चाहिए. अगर Police उसे नहीं लेती, तब जाकर आगे का कदम उठाना चाहिए. मुझे ऐसा नहीं लगता कि यह शिकायत मेंटेनेबल होगी, लेकिन अंत में यह मजिस्ट्रेट को तय करना है.
राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ड्रामा कर रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने अपनी नानी का हवाला देकर कहा था कि मेरी नानी कहती है कि मस्जिद तोड़ के मंदिर बनाना, वैसे मंदिर में कौन जाएगा? और अब आज की तारीख में ये फुर्सत में हैं अरविंद केजरीवाल, कोई काम नहीं है. दिल्ली के लोगों ने इन्हें छुट्टी दे दी. पंजाब भी अब जो है सो इनको वहां से छुट्टी देने के प्रयास में है. अब आज की तारीख में इनके पास कुछ रह नहीं गया है. अनाप-शनाप बकना और मंदिर एक बहाना है. मंदिर में जो कुछ हुआ है उसकी जांच हो रही है.
पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडा फेंकने की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता को टीएमसी से नफरत है. पहले तो डर के वजह से कोई कुछ नहीं बोल पा रहा था लेकिन अब भाजपा की Government वहां आ गई है तो अब जब टीएमसी के लोग बाहर निकलते हैं तो जनता का आक्रोश सामने आ जाता है.
उन्होंने आगे कहा कि अब उस आक्रोश को वैसी घटनाओं को रोकने के लिए Police भी अपनी कार्रवाई करती है; ऐसा नहीं है कि Police चुपचाप बैठ जाती है, प्रशासन चुप नहीं बैठता है. लेकिन अब इन छोटी-मोटी घटनाओं को ये लोग बात का बतंगड़ बनाकर पश्चिम बंगाल Government को अब इस नई स्थिति में कोशिश कर रहे हैं कि कुछ न कुछ अनाप-शनाप बयान देकर या दोषारोपण करके बदनाम करें, लेकिन इसमें ये सफलता नहीं मिलेगी. आक्रोश को हम कहां से रोक देंगे? पश्चिम बंगाल की जनता का जो आक्रोश है, उसको थमने में थोड़ा धीरे-धीरे समय लगेगा. समय आएगा, लोग भूल जाएंगे इन लोगों का अत्याचार, अनाचार जो इन लोगों ने जनता के खिलाफ किया था, फिर मामला धीरे से शांत हो जाएगा.
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पीएसके/वीसी