
नोएडा, 4 जून . कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर Police ने साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है. Police कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और अपर Police आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र के पर्यवेक्षण में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है.
Police द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 तक साइबर ठगी के मामलों में अपराधियों द्वारा हड़पी गई कुल 141 करोड़ 74 लाख 17 हजार 674 रुपये की धनराशि को फ्रीज कराया गया, जबकि 75 करोड़ 10 लाख 80 हजार 840 रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए. इस दौरान पश्चिम बंगाल, Jharkhand, Madhya Pradesh, Rajasthan , Maharashtra, Haryana, पंजाब और Gujarat समेत कई राज्यों में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
साइबर अपराध के खिलाफ अभियान के तहत Police ने कई अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया. इन सेंटरों के माध्यम से Prime Minister रोजगार सृजन कार्यक्रम के नाम पर सब्सिडी दिलाने, क्रूज और नेवी में नौकरी दिलाने, विदेश भेजने, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एपीके फाइल के जरिए मोबाइल हैकिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोने-चांदी के सिक्कों की अवैध खरीद-फरोख्त जैसे अपराध संचालित किए जा रहे थे.
Police की कार्रवाई से साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. जुलाई 2024 में साइबर अपराधियों ने नैनीताल बैंक के सर्वर को हैक कर करीब 16 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए थे.
थाना साइबर क्राइम Police ने तकनीकी जांच, सर्वर लॉग, नेटवर्क फॉरेंसिक और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के विश्लेषण के आधार पर मामले का खुलासा किया. कार्रवाई के दौरान एक नाइजीरियन नागरिक समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी धनराशि बरामद की गई. दिसंबर 2024 में एक कंपनी को उसके यूके स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर बैंक खाते की जानकारी बदलवाई गई और लगभग 1.55 करोड़ रुपये की ठगी की गई.
Police की त्वरित कार्रवाई और बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से पूरी राशि पीड़ित कंपनी को वापस दिलाई गई. इसी प्रकार फरवरी 2025 में जर्मनी स्थित वेंडर के नाम से फर्जी ई-मेल भेजकर एक कंपनी से 5.07 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा ठग ली गई थी.
साइबर क्राइम थाना नोएडा ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन और ई-मेल ट्रेल की जांच कर कुछ ही दिनों में पूरी धनराशि वापस कराने में सफलता प्राप्त की. कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी गिरोह की साजिश को समय रहते विफल कर करोड़ों रुपये के संभावित नुकसान को टाल दिया.
साइबर कमांडो सचिन धामा के नेतृत्व में गठित टीम ने आई4सी और एनपीसीआई के सहयोग से संदिग्ध खातों और डिजिटल गतिविधियों की निगरानी की. जांच में ऐसे लोगों की पहचान हुई जिन्हें social media पर फर्जी शेयर बाजार और निवेश योजनाओं के माध्यम से ठगी का शिकार बनाया जा रहा था.
Police ने तमिलनाडु, Gujarat, तेलंगाना, Odisha और Rajasthan के संभावित पीड़ितों को समय रहते सचेत कर साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचा लिया. Police अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक, सतर्क निगरानी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है तथा आम जनता के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.
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पीकेटी/एएसएच