
New Delhi, 1 मई दिल्ली की Chief Minister रेखा गुप्ता ने हीटवेव एक्शन प्लान के तहत Friday को डीटीसी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 23 प्रमुख बस टर्मिनलों पर यात्रियों और कर्मचारियों को मुफ्त पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए जलदूत तैनात करें.
Chief Minister रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लू के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधा की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करें.
एक अधिकारी ने बताया कि डीटीसी 3 हजार चलती बसों में 200 एमएल के पैकेट वाले पानी के गिलास और पाउच उपलब्ध कराएगा. साथ ही, यात्रियों और कर्मचारियों को हाइड्रेटेड रखने के लिए चुनिंदा टर्मिनलों पर वॉटर डिस्पेंसर लगाएगा.
डीटीसी की ‘जलदूत’ पहल का उद्देश्य जनता को, विशेष रूप से रोजाना सफर करने वालों को, तत्काल राहत पहुंचाना है. ये लोग भीषण गर्मी की चपेट में सबसे ज्यादा आते हैं. ‘जलदूत’ पहल, जिसे पिछले साल परिवहन मंत्री के निर्देश पर पहली बार शुरू किया गया था, को जनता से जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस सक्रिय हस्तक्षेप से गर्मियों के चरम मौसम में नागरिकों को काफी राहत मिली, जिससे Government की जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है.
इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस साल इस पहल को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि इसकी पहुंच और प्रभाव का विस्तार किया जा सके.
सिंह ने बताया कि इस प्रयास को और अधिक मजबूत करने के लिए यह सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है कि पूरे शहर में चलने वाली लगभग 3 हजार डीटीसी बसों में पीने का मुफ्त पानी उपलब्ध हो.
बयान में कहा गया है कि इस कदम से यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा के दौरान पानी की उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी.
डीटीसी ने सभी यात्रियों से यह भी अपील की है कि वे लू के दौरान सतर्क रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और दोपहर के समय सीधी धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें.
लू कार्य योजना की समीक्षा करते हुए Chief Minister ने इससे पहले सभी अस्पतालों को निर्देश दिया था कि वे लू से संबंधित मामलों के लिए पर्याप्त बेड क्षमता सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित करें कि हर एम्बुलेंस लू से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए जरूरी सुविधाओं से लैस हो.
एक बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य के मोर्चे पर दिल्ली भर में 339 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस, आइस पैक और संबंधित जरूरी सामानों से लैस किया गया है, जबकि 30 से ज्यादा अस्पतालों में अब लू के इलाज के लिए विशेष ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं. इसके अलावा, 174 मेडिकल अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को लू से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए 330 एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है.
उन्होंने निवासियों को बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए पूरे शहर में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी आह्वान किया. स्कूलों को ‘वॉटर बेल’ प्रणाली शुरू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि छात्रों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके और उन्हें डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके.
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पीएसके