
New Delhi, 2 जुलाई . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Thursday को पेरिस में फ्रांसीसी एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स कंपनी फ्लाइंग व्हेल्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन बोगॉन के साथ बैठक कर India में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम स्थापित करने की योजना पर चर्चा की. वित्त मंत्रालय ने Thursday को social media एक्स पर इसकी जानकारी साझा की.
मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान सेबेस्टियन बोगॉन ने वित्त मंत्री को फ्लाइंग व्हेल्स की दुनिया भर में संचालित सतत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) परियोजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी की तकनीक दूर-दराज और भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) क्षेत्रों के आर्थिक विकास में मदद करती है और माल ढुलाई के दौरान पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करती है.
उन्होंने यह भी बताया कि फ्लाइंग व्हेल्स अपने विनिर्माण से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को India में स्थापित करना चाहती है और इस दिशा में India को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनी की India में निवेश की इच्छा का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि India में फ्लाइंग व्हेल्स जैसी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं और कंपनी को देश के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया.
उन्होंने Gujarat के गिफ्ट सिटी में स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) और जहाज तथा विमान लीजिंग एवं मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस (एमआरओ) से जुड़े नियामकीय ढांचे की भी जानकारी दी, जिसका लाभ फ्लाइंग व्हेल्स उठा सकती है.
गौरतलब है कि फ्लाइंग व्हेल्स और India के बीएलपी ग्रुप ने इस वर्ष 2 अप्रैल को रणनीतिक साझेदारी के पहले चरण की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य India में भारी माल ढुलाई करने वाले एयरशिप के निर्माण के लिए एक मजबूत विनिर्माण इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे India इस नई परिवहन तकनीक का वैश्विक केंद्र बन सके. यह घोषणा फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों और Prime Minister Narendra Modi की शिखर वार्ता के दौरान की गई थी.
दोनों कंपनियों ने एलसीए60टी एयरशिप को एशिया और मध्य-पूर्व के बाजारों के लिए India में असेंबल करने की योजना भी पेश की थी.
करीब 200 मीटर लंबा और हीलियम गैस से संचालित एलसीए60टी एक अत्याधुनिक कार्गो एयरशिप है, जो एक बार में 60 टन तक का माल ले जाने में सक्षम है. कंपनी का बिजनेस मॉडल केवल एयरशिप बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें एयरलाइन सेवा के रूप में संचालित कर उन दुर्गम इलाकों तक भारी सामान पहुंचाना भी है, जहां रनवे, सड़क या अन्य बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है.
इस तकनीक का उपयोग पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विंड टर्बाइन ब्लेड, बिजली ट्रांसमिशन टावर, एयरोस्पेस उपकरण जैसे भारी सामान को दूरस्थ स्थानों तक पहुंचाने में किया जा सकता है. इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सैन्य सामग्री की आपूर्ति में भी यह बेहद उपयोगी साबित हो सकती है.
इसके अलावा, वित्त मंत्रालय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में बीएनपी पारिबा ग्रुप के डिप्टी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और कॉरपोरेट एवं इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग (सीआईबी) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यान जेरार्डिन से भी मुलाकात की.
बैठक के दौरान जेरार्डिन ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के बीच India एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है. उन्होंने India के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) की भी सराहना की.
वित्त मंत्री ने उन्हें बताया कि ‘विकसित India 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए Government ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सुधारों के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है.
उन्होंने समिति के लिए जेरार्डिन से सुझाव भी मांगे और कहा कि India अपने बैंकिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) और अकाउंट एग्रीगेटर सिस्टम को विशेष महत्व दिया जा रहा है.
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डीबीपी