
Mumbai , 19 फरवरी . Mumbai के विलेपार्ले इलाके में एक ज्वेलरी कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकाकर 20 लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है. लेकिन, Police की सतर्कता और चालाकी से यह साजिश नाकाम हो गई. Police ने कुर्ला के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चार युवकों को 5 लाख रुपए नकद के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
फरियादी विलेपार्ले पूर्व में मंगल रॉयल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से ज्वेलरी का कारोबार करते हैं. 12 फरवरी की रात उन्हें एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश मिला, जिसमें लिखा था कि 20 लाख रुपए नकद चाहिए, नहीं तो गोली खानी पड़ेगी. संदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग, कनाडा का नाम लिया गया था. इसके बाद लगातार धमकी भरे संदेश और कॉल आने शुरू हो गए.
14 फरवरी को व्हाट्सएप कॉल पर खुद को गैंग का सदस्य बताने वाले व्यक्ति ने फिर 20 लाख की मांग दोहराई. कारोबारी ने पैसे न होने की बात कही तो सौदेबाजी शुरू हुई और रकम 5 लाख पर तय हो गई. 15 फरवरी को फिर कॉल आया कि पैसा तैयार रखें. रात में कारोबारी ने संदेश भेजा कि उनके पास सिर्फ 3 लाख हैं. लेकिन, जवाब मिला कि पूरे 5 लाख चाहिए. आखिरकार 5 लाख रुपये पर सहमति बनी और अगले दिन पैसे देने का समय तय हुआ.
कारोबारी ने तुरंत विलेपार्ले Police को पूरी जानकारी दे दी. Police निरीक्षक श्रीनिवास चेवले के मार्गदर्शन में सादी वर्दी वाली टीमें तैयार की गईं. कारोबारी और उनके परिवार की सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया.
16 फरवरी की सुबह 10 बजकर 53 मिनट पर संदेश आया कि दो बजे पैसा तैयार रखें. दोपहर में निर्देश मिला कि कुर्ला टर्मिनस पर स्टाफ भेज दें. बार-बार कॉल करके पूछा जा रहा था कि कितना समय लगेगा. कारोबारी ने अपने दो कर्मचारियों को 5 लाख रुपए एक हैंडबैग में देकर स्कूटर से कुर्ला भेजा. उन्हें लोकमान्य तिलक टर्मिनस की पार्किंग में एक रेस्तरां के पास खड़े रहने को कहा गया.
शाम 4 बजकर 31 मिनट पर कॉल आया कि उनका आदमी कर्मचारियों को पहचान चुका है. कोड वर्ड ‘लालपरी’ होगा. थोड़ी देर बाद चार संदिग्ध युवक आए. उन्होंने पहले टोह ली और पासवर्ड पूछकर चले गए. फिर दो युवक लौटे और ‘लालपरी’ कहकर बैग ले लिया. चारों ऑटो में बैठकर निकलने लगे.
Police ने पहले से घात लगाकर रखा था. करीब 200 मीटर पीछा करके चारों को दबोच लिया गया. उन्हें बीकेसी Police स्टेशन लाया गया और बाद में विलेपार्ले Police को सौंप दिया गया. तलाशी में 5 लाख रुपए नकद, कई मोबाइल फोन, एक सोने रंग का मोबाइल, पुणे से लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक का ट्रेन टिकट और मानखुर्द से जीटीबी नगर तक का टिकट बरामद हुआ.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह रकम इम्तियाज और बशीर नाम के दो व्यक्तियों के कहने पर ली थी. आगे रकम साहिल शेख को सौंपी जानी थी और बदले में हर आरोपी को 5-5 हजार रुपये मिलने थे.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं दीपक नरेंद्र डंगोल (19 वर्ष), माजिद साजिद खान (21 वर्ष), फैजान फिरोज खान (27 वर्ष) और साहिल इलियाज शेख (20 वर्ष).
चारों को 17 फरवरी की तड़के गिरफ्तार किया गया. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. 5 लाख रुपए की खंडणी की रकम बरामद कर पंचनामा किया गया है. Police आगे की जांच कर रही है और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी है.
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एमएस/