भारत और इटली के मजबूत रिश्ते, मोदी-मेलोनी की सात मुलाकातों से तैयार हुई नींव

New Delhi, 20 मई . Prime Minister Narendra Modi की पांच देशों की यात्रा में सबसे अंतिम पड़ाव इटली था. पीएम मोदी जब राजधानी रोम पहुंचे तो उनकी इतालवी समकक्ष जियोर्जिया मेलोनी ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई.

जियोर्जिया मेलोनी ने Wednesday कहा कि India और इटली अपनी गहरी रणनीतिक साझेदारी और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत कर वैश्विक चुनौतियों का ज्यादा प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं. वही, Prime Minister मोदी ने social media पर बताया कि जियोर्जिया मेलोनी के साथ जॉइंट ओप-एड लिखा है, जिसमें इस बात की साफ झलकी मिलती है कि India और इटली के द्विपक्षीय सबंध किस ऊंचाई पर पहुंच गए हैं.

Prime Minister के इटली दौरे की सबसे खास और रोचक बात उनका मेलोनी को India की लोकप्रिय टॉफी ‘मेलोडी’ गिफ्ट करना रहा. social media पर यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें Prime Minister मोदी जियोर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट करते नजर आ रहे हैं, वहीं मेलोनी भी इसकी खुलकर तारीफ कर रही हैं.

अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों की मानें तो Prime Minister मोदी ने अपनी इतालवी समकक्ष को भले ही अब मेलोडी गिफ्ट की हो, लेकिन दोनों देशों के बीच संबंधों में मिठास की नींव उसी समय ही पड़ गई थी, जब जियोर्जिया मेलोनी 2022 में बाली में आयोजित जी-20 सम्मेलन के दौरान Prime Minister मोदी से मिली थीं. यह Prime Minister मोदी और जियोर्जियां मेलोनी की पहली मुलाकात थी. तब से अब तक दोनों नेताओं की बीच हुई सात मुलाकातों ने भारत-इटली के द्विपक्षीय संबंधों की दिशा और दशा ही बदल दी है. India और इटली के संबंध आज मैत्री के ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गए हैं.

दरअसल, जी-20 सम्मेलन के दौरान ही मेलोनी India के साथ संबंध मजबूत करने को लेकर उत्साहित दिखी थीं. वहीं, Prime Minister मोदी भी यूरोप में एक भरोसेमंद पार्टनर की तलाश में थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच ग्रीन हाइड्रोजन, सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर सहमति बनी.

दोनों नेताओं के बीच दूसरी मुलाकात तब हुई जब 2023 मेलोनी रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने India आईं. यही वो समय था, जब India और इटली ने संबंधों को ऑफिशियली ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया.

सितंबर 2023 में New Delhi में आयोजित जी-20 सम्मेलन ने दोनों देशों के संबंधों को एक और स्तर ऊपर पहुंचा दिया. इस दौरान इटली ने इंडिया-इटली मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) का हिस्सा बनने का फैसला किया. यह वो कॉरिडोर है, जो India को सीधा यूरोप से जोड़ने वाला समुद्री नेटवर्क माना जा रहा है और जिसको चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जवाब के रूप में देखा जाता है. ऐसे में इटली का आईएमईसी का हिस्सा बनना न केवल India के लिए बड़ी उपलब्धि रहा, बल्कि इसको चीन के लिए एक बड़े झटके के तौर पर भी देखा गया.

इसके बाद दिसंबर 2023 में Dubai में आयोजित कॉप-28 शिखर सम्मेलन और जून 2024 में इटली के अपुलिया में जी-7 शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई और भारत-इटली के द्विपक्षीय संबंध परवान चढ़ते गए.

अब दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, समुद्री सुरक्षा और इंटेलिजेंस शेयरिंग को मजबूत करने पर जोर दिया है. इटली की रक्षा कंपनियां अब India में सैन्य उपकरणों के को-प्रोडक्शन में दिलचस्पी दिखा रही हैं. इससे ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को भी फायदा मिल रहा है. India की बढ़ती रक्षा ताकत और यूरोप में इटली की रणनीतिक स्थिति ने इस साझेदारी को और अहम बना दिया है.

India और इटली के बीच द्विपक्षीय व्यापार की बात करें तो उसमें 2020-21 के बाद से सुधार देखा गया है, जो समय के साथ-साथ तेजी से बढ़ता चला गया है.

2020-21 में कोविड-19 महामारी के बाद, दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को पुनर्जीवित किया. द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8.5 बिलियन यूरो तक रहा.

2021-22 में व्यापार बढ़कर 13.2 बिलियन यूरो को पार कर गया. वहीं, 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि जारी रही और यह 14.6 बिलियन यूरो तक पहुंच गया. 2024 में दोनों देशों ने 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना को लागू किया.

2025-2026 में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 14.25 बिलियन यूरो के आंकड़े पर स्थिर रहा, जिसमें India का पलड़ा व्यापार संतुलन में भारी फायदे में रहा. अकेले 2025 के दौरान इटली का India में निवेश काफी बढ़ा.

एमएस/एबीएम

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