केरल में सतीशन कैबिनेट का गठन पूरा, 14 विधायक पहली बार बने मंत्री

तिरुवनंतपुरम, 20 मई . कई दिनों की Political खींचतान, गहन बातचीत और अनिश्चितता के बाद केरल में Wednesday को Chief Minister वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली 21 सदस्यीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) Government में विभागों का बंटवारा पूरा हो गया. इसके साथ ही राज्य में एक नए Political अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो गई.

केरल में आखिरी बार कांग्रेस नीत यूडीएफ Government 2011 में ओम्मन चांडी के नेतृत्व में सत्ता में आई थी. नई कैबिनेट में कांग्रेस और यूडीएफ के भीतर पीढ़ीगत बदलाव साफ दिखाई दे रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में नए चेहरों को पहली बार मंत्री बनाया गया है.

कैबिनेट के 14 सदस्य (जिनमें Chief Minister सतीशन भी शामिल हैं) पहली बार मंत्री बने हैं. इनमें से छह नेता पहली बार विधायक चुने गए हैं. इसे यूडीएफ की युवा और नई नेतृत्व छवि पेश करने की कोशिश माना जा रहा है.

केरल की हालिया Political परंपरा में पहली बार कांग्रेस ने कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों को शामिल किया है. कांग्रेस नेता बिंदु कृष्णा को श्रम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पलक्कड़ से कांग्रेस सांसद वी.के. श्रीकंदन की पत्नी के.ए. तुलसी को अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है.

नए चेहरे एम. लिजू को आबकारी और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग मिले हैं.

विभागों का अंतिम फैसला कई दिनों तक चली बातचीत, गुटबाजी और सहयोगी दलों के दबाव के बाद संभव हो सका. सबसे ज्यादा विवाद मत्स्य पालन विभाग को लेकर हुआ, जिसे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को दिया गया.

लैटिन कैथोलिक चर्च ने खुले तौर पर इसका विरोध करते हुए मांग की थी कि यह विभाग कांग्रेस के पास ही रहे, क्योंकि तटीय समुदाय को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है.

हालांकि मुस्लिम लीग अपने रुख पर कायम रही. खबरों के अनुसार पार्टी ने कहा था कि यदि मत्स्य विभाग वापस लिया जाता है तो बदले में उसे उच्च शिक्षा विभाग दिया जाए. कांग्रेस नेतृत्व और चर्च के कुछ वर्गों ने इसका विरोध किया. अंततः यूडीएफ ने मत्स्य विभाग मुस्लिम लीग के पास ही रहने दिया और वी.ई. अब्दुल गफूर को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई.

कांग्रेस के अंदरूनी गुटीय समीकरण भी देरी की बड़ी वजह बने. स्वास्थ्य विभाग को लेकर के. मुरलीधरन और ए.पी. अनिल कुमार के बीच खींचतान रही. अंततः मुरलीधरन को स्वास्थ्य और देवस्वम विभाग दिया गया, जबकि अनिल कुमार को राजस्व विभाग मिला.

परंपरा से हटकर Chief Minister सतीशन ने वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि गृह और सतर्कता विभाग वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को सौंपा गया है.

अन्य प्रमुख विभागों में पी.के. कुन्हालीकुट्टी को उद्योग और आईटी, पी.सी. विष्णुनाथ को पर्यटन, संस्कृति और सिनेमा तथा के.एम. शाजी को स्थानीय स्वशासन विभाग मिला है.

इस बीच, माकपा के बागी नेता जी. सुधाकरण, जो यूडीएफ के समर्थन से अंबालापुझा से निर्वाचित हुए हैं, ने Wednesday को केरल विधानसभा के 16वें कार्यकाल के प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली. उन्हें Governor राजेंद्र वी. अर्लेकर ने शपथ दिलाई.

Thursday को नवनिर्वाचित विधायक जी. सुधाकरण की मौजूदगी में शपथ लेंगे.

डीएससी

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