‘पहले वोट चोरी, अब बिना चुनाव सीट चोरी’, मीनाक्षी नटराजन मामले पर दिल्ली में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

New Delhi, 12 जून . Madhya Pradesh में मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस पार्टी ने Friday को दिल्ली में प्रदर्शन किया. कांग्रेस की Madhya Pradesh इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत अनेक विधायक दिल्ली में एकजुट हुए और नामांकन रद्द किए जाने का विरोध किया.

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने से बातचीत में कहा, “पहली बार देश के इतिहास में ऐसा हुआ है कि सीट चोरी हुई है. आजकल चर्चा में था कि ये लोग वोट चोरी कर रहे हैं, ईवीएम में गड़बड़ी कर रहे हैं. लेकिन अब तो इन्होंने चुनाव के पहले ही सीट चोरी कर दी है. जब मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन जमा किया था, तब भी भाजपा कांग्रेस के विधायकों को प्रलोभन देने और सौदा करने का पूरा प्रयास कर रही थी.”

जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने उस समय को भी देखा, जब 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 25 विधायक भाजपा में चले गए थे. इसलिए कांग्रेस के वर्तमान विधायकों को एहसास था कि भाजपा के साथ सौदा करने का मतलब आत्महत्या करना है.”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के सभी विधायक जब एकजुट खड़े थे, तब भाजपा ने एक नोटिस ढूंढा. एक बेबुनियाद तरीके से कोई व्यक्ति उनको फंसाने का प्रयास कर रहा था. स्पष्ट उल्लेख है कि संविधान में अगर किसी भी व्यक्ति के ऊपर गैर-संज्ञेय अपराध का नोटिस है तो वो नामांकन में दिखाना अनिवार्य नहीं है. सिर्फ अगर आपके ऊपर कोई First Information Report है, हमारे ऊपर कोई न्यायिक जांच चल रही है, तो हमको उसका उल्लेख करना पड़ता है. हम पहली बार देश के 80 साल के इतिहास में ऐसा हो रहा है कि एक गैर-संज्ञेय अपराध के नोटिस के आधार पर एक प्रत्याशी का नामांकन खारिज किया गया है.”

कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा, “जिस दिन ये राज्यसभा की उम्मीदवारी मीनाक्षी नटराजन की रद्द हुई, ये लोकतंत्र के लिए एक काला दिन था और ये इसलिए था क्योंकि उन पर किसी तरह की First Information Report भी नहीं थी. भाजपा तीन राज्यसभा सीटों पर एक भी महिला को मौका नहीं देती और 33 प्रतिशत आरक्षण की बात करती है. और फिर जब कांग्रेस मौका देती है, तो उसको खत्म करने के लिए पूरी ताकत लगा देती है.”

उन्होंने आगे कहा, “पहले ये (भाजपा नेता) बोल रहे थे कि हमने विधायक खरीद लिए हैं, बड़े नेता संपर्क में हैं. अगर खरीद लिए होते तो 18 जून को वोटिंग होने देते. साफ है कि ये सिर्फ राज्यसभा चुनाव की बात नहीं है, आने वाले सभी चुनाव की बात है. क्योंकि अगर इसी तरह से नामांकन रद्द होते रहेंगे, तो फिर चुनाव लड़ने लायक बचेगा कौन?”

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने कहा, “पूरे देश की संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने की जो बात हमारे नेता राहुल गांधी कहते थे, वो आज साफ दिखने लगा है कि संवैधानिक संस्थाओं और प्रजातंत्र को खत्म कर दिया गया है. जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया है, वो बिल्कुल गलत है. यह इस बात का संकेत है कि भविष्य में देश से लोकतंत्र और प्रजातंत्र को खत्म हो जाएगा. “

कांग्रेस विधायक विवेक पटेल ने कहा, “जिस तरह से 2014 के बाद से, जब से भाजपा की Government आई है, लगातार लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. इस बार भी इन्होंने वोट चोरी की और अब सीट चोरी कर रहे हैं. जिसका कोई आधार नहीं बनता कि इसी बिना किसी आधार के उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया. आज हम President से मिलने जा रहे हैं कि किस तरह लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, संविधान की हत्या की जा रही है.”

विवेक पटेल ने कहा कि भाजपा का इरादा शुरू से खराब था. जब हमारा कोई विधायक बिका नहीं, तो चुनाव आयोग के माध्यम से नामांकन रद्द कराया गया. हमें उम्मीद है कि न्याय दिया जाएगा.

कांग्रेस के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा, “जिस तरीके से इस देश के संविधान और लोकतंत्र का कत्ल बीजेपी ने किया है. एक गांधीवादी विचारक महिला को रोकने के लिए किस तरीके से साजिश रची और ये देश एक संविधान से चलेगा. Jharkhand के लिए अलग संविधान, Madhya Pradesh के प्रत्याशी के लिए अलग संविधान, ये नहीं चलेगा. सीधे तौर पर वो विचारक, जो गांधीवादी विचारक महिला हैं, जिनके ऊपर न तो आज तक कोई केस है, न कोई First Information Report है. उनको एक नोटिस पर रोकना, ये सीधे तौर पर लोकतंत्र का कत्ल है.”

डीसीएच/

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