
Bhopal /रतलाम, 17 मई . Sunday को राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच से सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में ट्रेन में तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवानों और रेलवे कर्मचारियों द्वारा लगभग 15 मिनट में की गई त्वरित आपातकालीन निकासी प्रक्रिया ने अहम भूमिका निभाई.
यह घटना Sunday सुबह 5:30 बजे पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अंतर्गत लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुई. यह स्थान Madhya Pradesh के रतलाम से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित है.
बताया गया कि आग ट्रेन की बी-1 थर्ड एसी बोगी में लगी, जो दिल्ली जा रही इस प्रीमियम ट्रेन के आगे की ओर स्थित एसएलआर लगेज ब्रेक वैन के पास थी. शुरुआत में कोच के नीचे के हिस्से से घना धुआं निकलता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग तेजी से फैल गई, जिसने थर्ड एसी और उससे सटे एसएलआर कोच को अपनी चपेट में ले लिया. आग की ऊंची लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं.
ट्रेन के गार्ड की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया. गार्ड ने तुरंत आग को देखा और लोको पायलट को सूचना दी, जिसके बाद तेज रफ्तार ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया.
यात्रियों को अस्थायी रूप से अन्य कोचों में स्थानांतरित किया गया जबकि रेलवे Police और रेलवे कर्मचारी आग से जूझते हुए यात्रियों को सुरक्षित निकालने में जुट गए.
दमकल विभाग की टीमें और वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, जिनमें रतलाम मंडल रेल प्रबंधक भी शामिल थे, मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की.
सुरक्षा के मद्देनजर ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद कर दी गई और क्षतिग्रस्त दोनों कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया. वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री या रेलवे कर्मचारी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है लेकिन इससे रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ.
New Delhi-Mumbai रेल लाइन पर कई ट्रेनों, जिनमें Mumbai jaipur सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी शामिल है, को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया जबकि बाद में ट्रैक को साफ किया गया.
प्रारंभिक रिपोर्टों में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने आग के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है.
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पीएम