सपा सांसद इकरा हसन के खिलाफ एफआईआर दर्ज, डीआईजी कार्यालय के बाहर हंगामा करने का आरोप

सहारनपुर, 22 मई . उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में Samajwadi Party की सांसद इकरा हसन के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. यह मामला 19 मई को डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) के दफ्तार के बाहर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है.

First Information Report में कैराना की सांसद और उनके समर्थकों पर सोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़े एक प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने, हंगामा करने और Governmentी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है.

इकरा हसन के अलावा सात नामजद व्यक्तियों और 25 अज्ञात लोगों पर भी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. First Information Report सदर बाजार Police स्टेशन में सिविल लाइंस Police चौकी के इंचार्ज द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी.

Police अधिकारियों के अनुसार, हसन और उनके समर्थकों ने डीआईजी कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हुई और जनता को असुविधा हुई. शिकायत में आगे आरोप लगाया गया कि विरोध प्रदर्शन ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और Governmentी कामकाज में बाधा डाली.

Police ने कहा कि घटना की समीक्षा करने और सबूत जुटाने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई. अधिकारी First Information Report में उल्लिखित अज्ञात आरोपियों की पहचान करने के लिए वायरल वीडियो और cctv फुटेज की भी जांच कर रहे हैं. अधिकारियों ने संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

इस घटना ने जिले में नए सिरे से Political तनाव पैदा कर दिया है, जिसमें Samajwadi Party के कार्यकर्ताओं ने सांसद और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज First Information Report पर गुस्सा जाहिर किया है.

यह विवाद शामली जिले के दशले गांव के निवासी मोनू कश्यप की हत्या के मामले से जुड़ा है, जिसकी 21 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी. रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित का परिवार कई हफ्तों से न्याय की मांग कर रहा था और इस मामले को लेकर कई अधिकारियों से संपर्क कर चुका था.

19 मई को इकरा हसन पीड़ित परिवार के सदस्यों और अपने समर्थकों के साथ सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय पहुंचीं, ताकि हत्या के मामले में कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जा सके. हसन ने पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता व्यक्त करने और न्याय की मांग करने के लिए डीआईजी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया.

डीआईजी कार्यालय में हुई बैठक का कोई तत्काल परिणाम न निकलने के बाद सांसद इकरा हसन कार्यालय परिसर सेनिकलीं, जहां एक महिला Police इंस्पेक्टर उन्हें Police स्टेशन ले गईं.

इकरा हसन ने बाद में आरोप लगाया कि उन्हें महिला Police स्टेशन में लगभग दस मिनट तक हिरासत में रखा गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान, शांति भंग करने से संबंधित आरोपों के तहत पांच व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया. हिरासत में लिए गए लोगों में पूर्व राज्य मंत्री मंगूराम कश्यप के साथ-साथ अनुज, अजय, शिशपाल और तेजपाल शामिल थे.

हसन ने Police पर आरोप लगाया कि उन्होंने शुरू में उनके खिलाफ किसी भी First Information Report का विवरण दिए बिना, चुपचाप उन पांच व्यक्तियों को जेल भेज दिया. पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद Samajwadi Party की सांसद ने सदर बाजार Police स्टेशन के बाहर एक और धरना प्रदर्शन किया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की.

खबरों के मुताबिक, Police स्टेशन पर यह प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे से रात 9:30 बजे तक चला. प्रदर्शन के दौरान इकरा हसन और Police अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस टकराव के दौरान सांसद ने Policeकर्मियों को चुनौती देते हुए कहा, “मुझे गोली मार दो! मुझे फांसी दे दो! इससे ज्यादा तुम और क्या कर सकते हो?”

धारा 151 के तहत हिरासत में लिए गए पांच लोगों को अगले ही दिन रिहा कर दिया गया.

प्रदर्शन के दौरान इकरा हसन ने कहा कि जब आम नागरिक अपनी शिकायतें लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं, तो अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते. अब सिर्फ एक ही रास्ता बचा है. या तो हमें भी जेल भेज दो या हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को रिहा करो. हम जेल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”

उसी रात सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह Police स्टेशन पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मंगेराम कश्यप समेत गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को Wednesday सुबह रिहा कर दिया जाएगा. इस आश्वासन के बाद हसन ने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया.

First Information Report की प्रतियां सार्वजनिक होने के बाद Political गतिविधियां फिर से तेज हो गईं, जिससे जिले में Samajwadi Party के समर्थकों में फिर से आक्रोश फैल गया. सहारनपुर में धरने के बाद सांसद उसी रात राशन संबंधी शिकायतों के एक पीड़ित के साथ Lucknow गईं और Samajwadi Party के सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की. इसके बाद अखिलेश यादव ने 200,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की.

एससीएच/वीसी

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