कोलकाता : मेसी के कार्यक्रम में हुई तोड़फोड़ मामले में पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज

कोलकाता, 31 मई . 13 दिसंबर 2025 को साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित लियोनेल मेसी के इंडिया टूर कार्यक्रम के दौरान हुई तोड़फोड़ के मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के खिलाफ बिधाननगर साउथ थाने में First Information Report दर्ज की गई है.

Police ने Saturday रात यह First Information Report कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता द्वारा 17 मई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज की.

दत्ता ने पूर्व मंत्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 3(5), 308(2), 318(4), 351(2) और 61(2) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी. ये धाराएं कथित तौर पर टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और धोखाधड़ी जैसे आरोपों से संबंधित हैं. Police सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री को जल्द ही पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है.

सतद्रु दत्ता ने Saturday देर रात social media पर भी इसकी जानकारी साझा की. उन्होंने लिखा, “सत्यमेव जयते. पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के खिलाफ First Information Report दर्ज हो गई है. पश्चिम बंगाल की माननीय Chief Minister , खेल मंत्री और डीजीपी का धन्यवाद.”

शिकायतकर्ता ने Police को बताया कि अरूप बिस्वास ने मेसी कार्यक्रम के करीब 22,000 टिकटों की कथित रूप से कालाबाजारी की थी. इसी आरोप के आधार पर बिधाननगर साउथ थाने की Police ने जांच शुरू कर दी है.

गौरतलब है कि राज्य के नए खेल मंत्री निशीथ प्रामाणिक ने पदभार संभालने के बाद मेसी कार्यक्रम से जुड़े विवाद की फाइल दोबारा खोलने की बात कही थी.

सतद्रु दत्ता ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान अरूप बिस्वास अपने करीबी लोगों के साथ बिना अनुमति मैदान में घुस गए थे और उन्होंने मेसी की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया. उनका दावा है कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर वे अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर के काफी करीब पहुंच गए थे.

दत्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर लापरवाही बरती गई थी.

दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस की पार्षद जुई बिस्वास तथा तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है.

Police को दिए पत्र में उन्होंने अरूप बिस्वास पर प्रतिबंधित सुरक्षा क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने, सुरक्षा घेरा तोड़ने, मेसी की सुरक्षा को खतरे में डालने और कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने Police से अरूप बिस्वास, जुई बिस्वास और राजीव कुमार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.

13 दिसंबर 2025 को साल्ट लेक स्टेडियम में मेसी के कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे. कार्यक्रम शुरू होने से काफी पहले स्टेडियम खचाखच भर गया था. मेसी के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए आगे बढ़ गए, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. कई दर्शकों ने शिकायत की थी कि वे अपने पसंदीदा खिलाड़ी को ठीक से देख भी नहीं सके. मेसी लगभग 22 मिनट बाद मैदान से चले गए थे.

इसके बाद स्टेडियम में तोड़फोड़ शुरू हो गई. दर्शकों ने गैलरी से मैदान में कुर्सियां और बोतलें फेंकीं. कई लोग बैरिकेड और गेट तोड़कर मैदान में घुस गए. स्टेडियम की गैलरियों और शौचालयों में भी नुकसान पहुंचाया गया.

इस घटना के बाद राज्य Government ने जांच समिति गठित की थी और कार्यक्रम के आयोजक सतद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था.

दत्ता को 13 दिसंबर को ही गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उन्हें 14 दिनों की Police हिरासत में भेजा गया था. उनकी जमानत याचिका दो बार खारिज हुई, लेकिन 19 जनवरी को शहर की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी. दत्ता को कोलकाता में मेसी को लाने का मुख्य सूत्रधार माना जाता है.

घटना के बाद अरूप बिस्वास ने खेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार समेत कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

एएमटी/एएस

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