
कैनबरा, 11 अगस्त . ऑस्ट्रेलिया में तेजी से फैल रहे एच5एन1 बर्ड फ्लू के बीच Government ने अब इसकी चपेट में आने वाले दुर्लभ और संवेदनशील पक्षियों को बचाने के लिए टीकाकरण शुरू करने का फैसला किया है.
कृषि, मत्स्य और वानिकी मंत्री जूली कॉलिन्स ने Tuesday को कैनबरा में बताया कि Government ने एच5एन1 वैक्सीन की शुरुआती 1,500 शीशियां हासिल कर ली हैं. इनका इस्तेमाल सबसे पहले कैद में रखे उन पक्षियों पर किया जाएगा, जिनके इस अत्यधिक संक्रामक वायरस की चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा है.
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “हम बहुत साफ कह चुके हैं कि हम एच5 बर्ड फ्लू को जंगली पक्षियों में फैलने से नहीं रोक सकते, लेकिन हम उन प्रजातियों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं जिन्हें सबसे ज्यादा रिस्क है, और वैक्सीनेशन अब उसी रणनीति का हिस्सा है.”
ऑस्ट्रेलियाई लोगों को आगाह करते हुए कहा, “आने वाले समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में एच5एन1 का और ज्यादा प्रसार देखने को मिल सकता है. इसके साथ ही बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत और मास मॉर्टेलिटी की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं.”
Governmentी आंकड़ों के मुताबिक, Monday तक ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 के 231 पुष्ट मामले सामने आ चुके थे. यह वायरस पहली बार जून में पाया गया था. अगस्त की शुरुआत से मामलों की संख्या में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है.
पर्यावरण एवं जल मंत्री मरे वॉट ने कहा कि जहां संभव होगा, वहां जंगली पक्षियों के टीकाकरण पर भी विचार किया जाएगा, लेकिन फिलहाल कैद में रखे पक्षियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
उन्होंने बताया कि Government ने चिड़ियाघरों में दुर्लभ और संकटग्रस्त पक्षियों के संरक्षण के लिए कैप्टिव ब्रीडिंग कार्यक्रमों को भी मजबूत किया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एच5एन1 के कारण बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत होने की स्थिति में भी इन प्रजातियों की आबादी बची रहे.
वॉट ने 4 अगस्त को एबीसी रेडियो से बातचीत में भी आशंका जताई थी कि ऑस्ट्रेलिया में एच5Nएन1 के कारण आने वाले समय में और बड़े पैमाने पर पक्षियों की सामूहिक मौत की घटनाएं सामने आ सकती हैं.
इस आशंका का पहला बड़ा संकेत 3 अगस्त को मिला था, जब संघीय Government ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के तट से दूर एक द्वीप पर ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न पक्षियों के झुंड में एच5एन1 से ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप की पहली सामूहिक मृत्यु की पुष्टि की.
एच5एन1 का असर केवल पक्षियों तक सीमित नहीं रहा है. 2022 में इस वायरस ने दक्षिण अमेरिका में अनुमानित 30,000 सी लायन की जान ले ली थी. इसके अलावा, अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच दक्षिणी महासागर स्थित ऑस्ट्रेलिया के हर्ड द्वीप पर करीब 13,359 साउथ एलिफेंट सील के शिशुओं की मौत भी एच5एन1 से होने की आशंका है.
तेजी से बढ़ते मामलों और वन्यजीवों पर इसके गंभीर प्रभाव को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया का यह टीकाकरण अभियान दुर्लभ और संवेदनशील प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
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केआर/