
नोएडा, 16 दिसंबर . नोएडा की थाना सेक्टर-63 Police ने एक सुनियोजित साजिश के तहत कंपनी का पैसा गबन कर उसे लूट का रूप देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. Police ने अभियुक्तों के कब्जे से 2 लाख रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और एक लाइटर पिस्टल बरामद की है. इस सफल कार्रवाई के लिए डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा Police टीम को उत्साहवर्धन स्वरूप 25,000 रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
Police के अनुसार, अभियुक्त ओमपाल पुत्र बलबीर, एस्टेरॉयड शेल्टर्स होम्स नामक कंपनी में चालक के रूप में कार्यरत था. 12 दिसंबर को वह कंपनी के कैशियर नवल किशोर के साथ दिल्ली के लक्ष्मी नगर से 2 लाख रुपए नकद लेकर नोएडा लौट रहा था. जब दोनों सेक्टर-62 अंडरपास पहुंचे, तभी पहले से बनाई गई साजिश के तहत ओमपाल के साथियों ने एक किराए की बैलेनो कार से उनकी गाड़ी को रुकवाया और लाइटर पिस्टल दिखाकर नकदी, मोबाइल फोन और गाड़ी की चाबी लूटने का नाटक किया.
इस दौरान ओमपाल ने इतनी सफाई से घटना को अंजाम दिया कि कैशियर को उस पर कोई शक न हो और उसे भी यह विश्वास हो गया कि वास्तव में लूट हुई है. घटना के बाद कैशियर की शिकायत पर थाना सेक्टर-63 में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
हालांकि, जांच के दौरान Police को कई संदिग्ध तथ्य मिले. Police अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीमों ने गोपनीय सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर Tuesday को बहलोलपुर अंडरपास के पास ग्रीन बेल्ट से 5 अभियुक्तों—ओमपाल, वीर प्रताप, सोनू गुर्जर, अभिलाष राय और अंकित सतनामी—को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि वीर प्रताप पहले इसी कंपनी में चालक रह चुका था और उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस साजिश की योजना बनाई थी. 3 दिसंबर की रात गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा में सभी अभियुक्तों ने मिलकर इस फर्जी लूट की पूरी रूपरेखा तैयार की थी.
Police ने लूट की घटना न होने के साक्ष्य मिलने पर मुकदमे में धाराएं बढ़ाते हुए कंपनी का पैसा गबन करने का मामला दर्ज कर जांच जारी रखी है. Police का कहना है कि सभी अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई प्रचलित है.
–
पीकेटी/डीकेपी