
विरुधुनगर, 19 अप्रैल . तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के पास कट्टानारपट्टी स्थित ‘वनजा पटाखा फैक्ट्री’ में Sunday को धमाके से भीषण हादसा हो गया. इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. Chief Minister एमके स्टालिन ने इस घटना पर दुख जताया है.
तमिलनाडु के Chief Minister एमके स्टालिन ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि विरुधुनगर जिले में पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट में कई लोगों की मृत्यु की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ है. मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.
उन्होंने कहा कि मैंने मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्यों में तेजी लाने और उनकी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को सांत्वना देने का अनुरोध किया है. इस घटना की सूचना मिलते ही मैंने जिला कलेक्टर से संपर्क किया और उन्हें सभी आवश्यक सहायता समन्वय करने का निर्देश दिया है.
जानकारी के मुताबिक, इस फैक्ट्री का मालिकाना हक गोविंदनाल्लूर निवासी मुथु मानिकम के पास है और यह एक वैध आरडीओ लाइसेंस के तहत संचालित हो रही थी. फैक्ट्री परिसर में 30 से अधिक कमरे बने हुए हैं और यहां 50 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं.
Sunday को जब लगभग 30 कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे, तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ. इस धमाके से फैक्ट्री के कम से कम चार कमरों को भारी नुकसान पहुंचा और देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी मच गई.
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे से अधिक समय तक आग पर काबू पाने का प्रयास किया. कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया, लेकिन तब तक नुकसान काफी गंभीर हो चुका था. हादसे के समय फैक्ट्री में 30 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें से कई मलबे के नीचे दब गए. बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश जारी रखी.
अब तक लगभग 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है. इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन और Police विभाग भी हरकत में आ गया है. Police अधीक्षक (एसपी) श्रीनाथ स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं.
प्रारंभिक आशंका है कि विस्फोट फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील पदार्थों के कारण हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा. इस हादसे ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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एएसएच/एबीएम