जातीय एकजुटता राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द का आधार और विकास व प्रगति का स्रोतः 11वें पंचेन लामा

बीजिंग, 16 अगस्त . चीन में जातीय एकता व प्रगति संवर्धन कानून के प्रचार और कार्यांवयन पर 14 अगस्त को ल्हासा में गैर पार्टी हस्तियों की एक संगोष्ठी आयोजित हुई. चीनी जन Political सलाहकार सम्मेलन की राष्ट्रीय समिति, चीनी बौद्ध धर्म संघ के उपाध्यक्ष और चीनी बौद्ध धर्म की शीत्सांग शाखा के अध्यक्ष 11वें पंचेन लामा, कोइगी ग्याइबो ने इसमें भाग लेकर भाषण दिया.

उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जातीय एकजुटता राष्ट्रीय एकीकरण और सामाजिक सौहार्द का आधार है और विकास व प्रगति का स्रोत है. जातीय एकता व प्रगति संवर्धन कानून देश में जातीय एकता व प्रगति कार्य का मानकीकरण करने का पहला मूल और चतुर्मुखी कानून है. वह नये युग में जातीय कार्य व मिशन के मुताबिक कानूनी शासन की शक्ति से जातीय कार्य के गुणवत्ता विकास को सुनिश्चित करता है और चीनी राष्ट्र के समुदाय और जातीय एकता कार्य का आधार प्रगाढ़ बनाने के लिए मजबूत व्यवस्थित गारंटी प्रदान करता है.

11वें पंचेन लामा ने कहा कि इतिहास में बार-बार साबित हुआ है कि विभिन्न जातियों के बीच पारस्परिक समझ, सम्मान, समावेश और प्रशंसा राष्ट्रीय एकता और जातीय एकजुटता का स्रोत है. धार्मिक जगत को विभिन्न जातियों की आवाजाही और आदान-प्रदान में जुड़ाव की भूमिका निभानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि हमें सौ प्रतिशत मातृभूमि की एकता की सुरक्षा कर विभाजन का डटकर विरोध करना चाहिए. तिब्बती बौद्ध धर्म जगत को चीन में जातीय एकता व प्रगति संवर्धन कानून के कार्यांवयन के अवसर पर अपनी कार्रवाइयों से राष्ट्रीय वरदान का प्रतिदान करना चाहिए. मैं इस कानून को आकाश दीप के रूप में अपनाकर नये समाजवादी आधुनिक शीत्सांग के निर्माण और चीनी राष्ट्र के पुनरोत्थान के महान कार्य के लिए धार्मिक जगत की बुद्धिमत्ता और शक्ति प्रदान करुंगा.

(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

डीकेपी/

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