
मॉस्को, 26 मई . रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मॉस्को में चेक गणराज्य के राजनयिक मिशन के प्रमुख को तलब करेगा. यह कदम कारलोवी वैरी में हिलारियन अल्फेयेव की गिरफ्तारी के बाद उठाया जा रहा है.
मंत्रालय के अनुसार, चेक गणराज्य में रह रहे रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च के रिटायर्ड बिशप हिलारियन अल्फेयेव को Sunday को गिरफ्तार किया गया. चेक Police के मुताबिक उनकी कार की डिक्की से कुछ कंटेनर मिले थे, जिनमें कोई अज्ञात पदार्थ रखा हुआ था. यह जानकारी मंत्रालय के बयान में दी गई.
रूस की Governmentी समाचार एजेंसी टास के अनुसार, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, “रूसी दूतावास उन्हें हर जरूरी मदद देता रहेगा. मॉस्को में चेक राजनयिक मिशन के प्रमुख को जल्द ही रूसी विदेश मंत्रालय में बुलाया जाएगा, जहां चेक अधिकारियों की अस्वीकार्य और मनमानी कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा.”
अल्फेयेव की सेवा का स्थान कारलोवी वैरी स्थित ‘चर्च ऑफ द अपोस्टल्स पीटर एंड पॉल’ बताया गया है. मंत्रालय ने कहा कि उन्हें चेक गणराज्य में ‘झूठे आरोपों’ के आधार पर गिरफ्तार किया गया.
बयान के अनुसार, Police स्टेशन में हिलारियन और उनके ड्राइवर की व्यक्तिगत तलाशी ली गई और दोनों का ड्रग टेस्ट भी किया गया, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई.
मंत्रालय ने कहा, “हम इस घटना को एक सोची-समझी और सुनियोजित उकसावे की कार्रवाई मानते हैं, जिसका मकसद सिर्फ मेट्रोपॉलिटन को बदनाम करना ही नहीं, बल्कि उनके जरिए पूरे ऑर्थोडॉक्स धर्म को निशाना बनाना है. हाल के समय में चेक गणराज्य में ऑर्थोडॉक्सी पर लगातार हमले हो रहे हैं.”
रूस ने हिलारियन अलफेयेव की तुरंत और बिना किसी शर्त रिहाई की मांग की है, साथ ही इस ‘गढ़ी गई जांच’ को बंद करने की भी बात कही है.
हिलारियन ने गैरकानूनी पदार्थ रखने के आरोपों से साफ इनकार किया है और अपनी गिरफ्तारी को एक साजिश बताया है.
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कई महीनों से उन्हें लगातार गुमनाम धमकियां मिल रही थीं, जिनमें शारीरिक हिंसा की धमकियां भी शामिल थीं. उनसे कहा जा रहा था कि वह अपनी सेवा वाली जगह छोड़ दें.
हिलारियन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा कि वह कानून के दायरे में रहकर जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं और अपने नाम, सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए सभी कानूनी रास्ते अपनाएंगे.
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एवाई/एएस