इंग्लैंड की प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी भारत में शुरू करेगी कैंपस, यूजीसी ने दी मंजूरी

New Delhi, 14 अप्रैल . इंग्लैंड की एक प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी India में अपना कैंपस स्थापित करेगी. यह देश में ही विदेशी यूनिवर्सिटी का अनुभव देने की दिशा में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का एक बड़ा फैसला है.

लंदन के पुराने और प्रतिष्ठित बिर्कबेक, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन को India में अपना कैंपस खोलने के लिए की अनुमति प्रदान की गई है. करीब 200 साल पुराना यह विश्वविद्यालय India में अपने ऐसे कोर्स लेकर आ रहा है, जिनकी आज के दौर में खूब मांग है. इनमें बिजनेस मैनेजमेंट और डेटा एनालिटिक्स आदि शामिल हैं. यानी अब छात्रों को विदेश जाने की जरूरत कम पड़ेगी, क्योंकि उसी स्तर की पढ़ाई स्वदेश में मिल सकेगी.

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में उच्च शिक्षा सचिव व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डॉ. विनीत जोशी ने Tuesday को लंदन के बिर्कबेक, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन को Bengaluru में अपना कैंपस खोलने के लिए आशय पत्र सौंपा है. यह पत्र विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर प्रोफेसर सैली व्हेलर को दिया गया. इस मौके पर India में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन, ब्रिटिश काउंसिल की India निदेशक एलिसन बैरेट और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

गौरतलब है कि यह 15वां मौका है जब किसी विदेशी विश्वविद्यालय को India में कैंपस खोलने की मंजूरी मिली है. Government की कोशिश India को एक ग्लोबल एजुकेशन हब बनाना है. विदेशी विश्वविद्यालय के भारतीय कैंपस में विश्व स्तरीय शिक्षा विदेशों के मुकाबले 60 प्रतिशत कम खर्च पर उपलब्ध होगी. बिर्कबेक विश्वविद्यालय का Bengaluru में खुलने वाला यह पहला ग्लोबल कैंपस है. यह कदम India को 2030 तक उच्च शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की India Government की योजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है.

यूजीसी के चेयरमैन और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कहा कि यह लेटर ऑफ इंटेंट भारतीय छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा का द्वार खोलने वाला ऐतिहासिक कदम है. अब छात्र लंदन जैसी विश्व स्तरीय शिक्षा Bengaluru में ही प्राप्त कर सकेंगे, वह भी विदेश जाकर पढ़ाई करने से करीब 60 प्रतिशत कम खर्च पर. उन्होंने कहा कि India की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर खास जोर देती है. यूजीसी के नए प्रगतिशील नियमों की वजह से अब दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालय India में अपना कैंपस स्थापित कर रहे हैं. इससे न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों को कम खर्च में बेहतर अवसर भी मिलेंगे.

विनीत जोशी ने कहा कि यूजीसी का यह कदम Prime Minister Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में अहम कड़ी साबित होगा. बिर्कबेक जैसी पुरानी और प्रतिष्ठित ब्रिटिश यूनिवर्सिटी का India आना भारत-यूके के बीच शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा. यह पहल न केवल छात्रों के लिए नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि अनुसंधान सहयोग को मजबूत करते हुए India को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ज्ञान अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगी. यह कदम वर्ष 2030 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के India के लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक साबित होगा.

गौरतलब है कि 1823 में स्थापित इंग्लैण्ड की बिर्कबेक यूनिवर्सिटी अपने करियर-केंद्रित शिक्षा मॉडल की वजह से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. विशेषज्ञों का मानना है कि Bengaluru कैंपस में भी छात्रों को रिसर्च-आधारित शिक्षण और उद्योग-एकीकृत पाठ्यक्रम मिलेगा. विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सैली व्हीलर ने इस मौके पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वह India की शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनकर खुश हैं और उनका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाना है.

जीसीबी/डीएससी

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