एक साल बाद भी नहीं मिली कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि

भोपाल (Bhopal) . प्रदेश के सकारी कर्मचारी नाराज भी हैं और उनमें गुस्सा भी है. वो प्रदेश सकार के मुखिया से भी खफा हैं. उनका कहना है कि साल भर पहले कर्मचारियों से किया वादा अब तक पूरा नहीं हो सका. सरकारी कर्मचारियों ने अब तक कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई.

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ का कहना है कि मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने पिछले साल कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए घर-घर सर्वे और दवाओं के वितरण के साथ लोगों को जागरूक करने का टास्क दिया था, तभी उन्होंने वायदा भी किया था कि इस टास्क पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को 10-10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. लेकिन साल बीत गया पर अब तक कर्मचारियों को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली.

एक माह के मानदेय के बराबर हो प्रोत्साहन राशि

अब इन कर्मचारियों ने बिहार (Bihar) की तर्ज पर मूल वेतन के समतुल्य प्रोत्साहन राशि देने की मांग की है. उनका कहना है कि बिहार (Bihar) सरकार ने वैश्विक महामारी (Epidemic) के परिपेक्ष में स्वास्थ्य विभाग के सभी चिकित्सकों-चिकित्सा कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2021- 22 के लिए एक माह के मूल वेतन (मानदेय) के समतुल्य प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है. लिहाजा, बिहार (Bihar) सरकार कि तर्ज पर मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के कोरोना योद्धाओं को एक माह का मूल वेतन प्रोत्साहन राशि दी जाए.

टीकाकरण कर्मचारियों को नहीं मिल रहा मानदेय

कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना सर्वे व टीकाकरण के लिए कर्मचारियों को कार्यस्थल से 15-20 किलोमीटर दूर ड्यूटी लगाई जा रही है. लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में कोरोना योद्धा स्वयं के व्यय से सुरक्षा साधन लेने को मजबूर हैं. विभाग स्तर से कोई भी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे.

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