
New Delhi, 5 मई . विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के एक दिन बाद India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में नई विधानसभाओं के गठन की अधिसूचना संबंधित राज्य Governorों और पुडुचेरी के उपGovernor को भेज दी है.
इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की विधानसभाओं का कार्यकाल 7 मई से 15 जून के बीच समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग की अधिसूचनाओं से प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विजयी दलों के नेताओं को पिछली राज्य विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले Government गठन का दावा पेश करने का रास्ता खुल गया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई, तमिलनाडु का 10 मई, असम का 20 मई, केरल का 23 मई और पुडुचेरी का 15 जून को समाप्त हो रहा है.
चुनाव आयोग की ये अधिसूचनाएं पश्चिम बंगाल की निवर्तमान Chief Minister ममता बनर्जी द्वारा राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में धांधली का आरोप लगाने और अपना इस्तीफा देने से इनकार करने की पृष्ठभूमि में आई हैं.
तमिलनाडु के Chief Minister एम.के. स्टालिन और केरल के Chief Minister पिनराई विजयन ने चुनाव में हार स्वीकार करते हुए अपने-अपने Governorों को इस्तीफा सौंप दिया है. वहीं, कोलकाता में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने Chief Minister के रूप में स्वेच्छा से Governor को इस्तीफा सौंपने की संभावना से इनकार कर किया.
ममता बनर्जी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस की इस बार की “हार” असल मायने में “हार” नहीं थी, क्योंकि चुनाव परिणाम जनता के वास्तविक जनादेश को नहीं दर्शाते. उन्होंने कहा, “मैं अब इस्तीफा क्यों दूं? हम असल मायने में पराजित नहीं हुए हैं. ये परिणाम बड़े पैमाने पर गबन और वोटों की लूट को दर्शाते हैं तो फिर इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?”
ममता बनर्जी ने दावा किया कि Monday की रात को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं जैसे सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन ने उन्हें फोन करके समर्थन का आश्वासन दिया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और एनडीए शासित केंद्र के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन आयोजित करने के लिए विपक्षी इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
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ओपी/डीकेपी