पीएम मोदी पर टिप्पणी मामले में चुनाव आयोग ने खड़गे को भेजा नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

New Delhi, 22 अप्रैल . चुनाव आयोग (ईसीआई) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Prime Minister Narendra Modi के लिए कथित रूप से “आतंकवादी” शब्द के इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाया है और उन्हें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया है.

सूत्रों के अनुसार, आयोग ने इस टिप्पणी को चुनाव आचार संहिता के संभावित उल्लंघन के रूप में देखा है, खासकर उन प्रावधानों के तहत जो चुनावी अवधि के दौरान शालीनता बनाए रखने और भड़काऊ या आपत्तिजनक भाषा से बचने से संबंधित हैं.

चुनाव आयोग की यह कार्रवाई उस समय आई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल Wednesday को आयोग से मिला और खड़गे की टिप्पणी के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया. भाजपा ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इससे अन्य लोगों के लिए भी “नजीर” स्थापित होनी चाहिए.

भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में Union Minister किरेन रिजिजू, निर्मला सीतारमण और अर्जुन राम मेघवाल के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह शामिल थे. सभी नेताओं ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप कर कांग्रेस अध्यक्ष के “जहरीले बयान” पर कार्रवाई करने की अपील की.

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने Prime Minister के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा पर गहरा दुख और आक्रोश जताया है तथा तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है.

उन्होंने कहा, “खड़गे द्वारा Prime Minister मोदी को ‘आतंकवादी’ कहना सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का गंभीर अपमान है. इस तरह के शर्मनाक आचरण को सामान्य नहीं बनाया जा सकता.”

यह विवाद Tuesday को उस समय शुरू हुआ जब चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खड़गे ने एक सवाल के जवाब में Prime Minister के संदर्भ में “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल किया. हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को “गलत तरीके से समझा गया” है.

खड़गे ने कहा, “मेरा मतलब यह नहीं था कि पीएम मोदी आतंकवादी हैं. मेरा आशय यह था कि लोगों को डराया जा रहा है और संस्थाओं तथा एजेंसियों का इस्तेमाल उन्हें डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि उनका बयान वर्तमान Government के तहत “डर के माहौल” की आलोचना के लिए था.

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों सहित कई प्रमुख संस्थान Political दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक मानदंड कमजोर हो रहे हैं.

इस टिप्पणी के बाद Political विवाद तेज हो गया है. भाजपा के कई नेताओं, जिनमें Union Minister और सांसद शामिल हैं, ने खड़गे और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है.

भाजपा नेताओं ने इस बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” और “अस्वीकार्य” करार देते हुए माफी की मांग की है और कांग्रेस नेतृत्व पर Political विमर्श के स्तर को गिराने का आरोप लगाया है.

डीएससी

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