
New Delhi, 18 मार्च . चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और उपचुनाव हिंसामुक्त और प्रलोभन मुक्त कराने के लिए 25 लाख से अधिक अधिकारियों की तैनाती कर दी है. चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभा चुनावों के लिए और छह राज्यों में उपचुनावों की घोषणा की थी.
पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चुनाव के विभिन्न चरणों को सुचारू और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए 25 लाख से अधिक चुनाव अधिकारियों को तैनात किया गया है. इन चुनावों में मतदान के पात्र मतदाताओं की कुल संख्या 17.4 करोड़ से अधिक है. इसका मतलब है कि लगभग हर 70 मतदाताओं पर एक चुनाव अधिकारी तैनात है. चुनाव की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि अधिकारियों को पूरी निष्पक्षता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि चुनाव हिंसामुक्त और प्रलोभनमुक्त हों और प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के मतदान कर सके.
तैनात कर्मियों में लगभग 15 लाख मतदान कर्मी, 8.5 लाख सुरक्षा कर्मी, 40 हजार मतगणना कर्मी, 49 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 21 हजार सेक्टर अधिकारी और मतगणना के लिए 15 हजार सूक्ष्म पर्यवेक्षक शामिल हैं. अन्य अधिकारियों के साथ-साथ, 2.18 लाख से अधिक मतदान अधिकारी (बीएलओ) सहित जमीनी स्तर की चुनाव मशीनरी मतदाताओं के लिए फोन कॉल और ईसीआईनेट ऐप पर ‘बीएलओ को कॉल बुक करें’ सुविधा के माध्यम से उपलब्ध है. डीईओ/आरओ स्तर पर किसी भी शिकायत/प्रश्न को दर्ज करने के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 भी उपलब्ध है.
तैनात किए गए सभी कर्मियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के प्रावधानों के अनुसार चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा. आम चुनाव और उपचुनावों के दौरान आयोग की निगरानी के लिए 832 विधानसभा क्षेत्रों में 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है.
इनमें 557 सामान्य पर्यवेक्षक, 188 Police पर्यवेक्षक और 366 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं. तैनात किए गए अधिकांश केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने-अपने निर्धारित निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं. पर्यवेक्षक अपने संपर्क विवरण साझा करेंगे और उम्मीदवारों, Political दलों या उनके प्रतिनिधियों या जनता के किसी भी सदस्य से प्रतिदिन एक निर्धारित समय पर मिलकर उनकी चुनाव संबंधी शिकायतों को सुनेंगे.
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एसडी/पीएम