
कोलकाता, 28 अप्रैल . पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों को निर्देश दिया है कि वे डरे-सहमे मतदाताओं की मदद के लिए तैयार रहें और सुरक्षा देकर मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाएं.
मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ऑफिस के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि 23 अप्रैल को चुनावों के पहले चरण में, पोलिंग बूथ के अंदर वोट डालने की प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण रही.
हालांकि, कुछ वोटरों ने शिकायत की कि वोट डालने जाते समय उन्हें डराया-धमकाया गया. दूसरे चरण में इस खतरे को खत्म करने के लिए चुनाव आयोग ने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे केंद्रीय बलों की एक टुकड़ी को तैयार रखें, ताकि डरे हुए वोटरों की मदद के लिए तुरंत पहुंचा जा सके और उन्हें पोलिंग स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके.
उन्होंने आगे कहा कि दूसरे चरण में चुनाव आयोग का ध्यान सिर्फ बूथ-स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ही नहीं है, बल्कि वोटरों को डराने-धमकाने की घटनाओं को पूरी तरह से खत्म करने पर भी है, खासकर दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर सब-डिवीजन के प्रशासनिक क्षेत्र में, जहां चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है.
सीईओ के अंदरूनी सूत्र ने बताया कि चुनाव के दिन अगर किसी भी वोटर को डराया-धमकाया जाता है, तो वह एक खास हेल्पलाइन नंबर या ईमेल के जरिए सीईओ के ऑफिस से संपर्क कर सकेगा. शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी.
शिकायत मिलने पर अगर जरूरी हुआ तो केंद्रीय बलों की एक टुकड़ी उस इलाके में पहुंचेगी, जहां वोटरों को डराया-धमकाया जा रहा है और वोटरों को सुरक्षित पोलिंग बूथ तक पहुंचाया जाएगा.
पश्चिम बंगाल के सीईओ, मनोज कुमार अग्रवाल ने दूसरे चरण के वोटरों से अपील की है कि वे बिना किसी डर के वोट डालें. उन्होंने कहा कि आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है. इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए हमने सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं.
बंगाल में दूसरे चरण का चुनाव केंद्रीय सशस्त्र बलों की 2,407 कंपनियों की कड़ी सुरक्षा के घेरे में होगा. इनमें केंद्रीय सशस्त्र Police बल (सीएपीएफ), इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और दूसरे राज्यों की सशस्त्र Police टुकड़ियां शामिल हैं. साथ ही कोलकाता Police और पश्चिम बंगाल Police के जवान भी तैनात रहेंगे.
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एसडी/वीसी