वाराणसी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करवाने का प्रयास, राज्यसभा में रखी मांग

New Delhi, 13 मार्च . वाराणसी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करवाने संबंधी प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाया जाए. Government से यह मांग राज्यसभा में की गई.

Friday को राज्यसभा में कहा गया कि वाराणसी दुनिया के सबसे प्राचीन और लगातार बसे शहरों में से एक है. यहां के प्राचीन मंदिर, पौराणिक गंगा के घाट और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं इसे अद्वितीय बनाती हैं. यहां का संगीत, कला और स्थापत्य विश्वभर में प्रसिद्ध है और इसकी पहचान पूरी दुनिया में है.

भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने Friday को राज्यसभा में यह विषय रखते हुए कहा कि वह आज पूरे सदन और देश का ध्यान भगवान शिव की नगरी काशी, अर्थात् वाराणसी की पर्यटन क्षमता और सांस्कृतिक विरासत की ओर आकर्षित करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में Prime Minister Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व में वाराणसी ने विकास की एक महत्वपूर्ण यात्रा तय की है. 2014 से पहले यह शहर गंदगी, टूटी सड़कों और बिजली के उलझे तारों की समस्या से जूझ रहा था, लेकिन आज यह तेजी से एक आधुनिक और वैश्विक शहर के रूप में उभर रहा है. Prime Minister ने अपनी अनेक यात्राओं के दौरान अपनी इस कर्मभूमि को 60,000 करोड़ रुपए से अधिक के बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स की सौगात दी है. चाहे वह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण हो, घाटों का पुनर्निर्माण हो या सड़कों का चौड़ीकरण, हर जगह विकास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है.

उन्होंने बताया कि रेलवे के माध्यम से भी 10,000 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है और इसका लाभ जमीन पर दिखाई दे रहा है. इस बेहतर बुनियादी ढांचे का सीधा प्रभाव पर्यटन पर पड़ा है. 2025 के आंकड़ों के अनुसार 7.26 करोड़ से अधिक पर्यटक वाराणसी आए और 120 देशों के पर्यटकों ने यहां आकर दर्शन किए. यह दर्शाता है कि वाराणसी अब एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन केंद्र बन चुका है.

उन्होंने कहा कि इतनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक होने के बावजूद वाराणसी की सांस्कृतिक धरोहर को अभी तक आधिकारिक रूप से यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल नहीं किया गया है. हालांकि 2015 में यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क ने काशी को सिटी ऑफ म्यूजिक के रूप में मान्यता दी थी. 2026 की शुरुआत तक India के 44 स्थल यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं. 2017 में Ahmedabad को India का पहला वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित किया गया और 2019 में jaipur को यह सम्मान मिला. वाराणसी के दो प्रमुख स्थल सारनाथ 1998 से और वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों का समूह 2021 से यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि 2026 में Prime Minister की कर्मभूमि काशी को भी वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का आधिकारिक दर्जा मिले. सेठ ने Government और संस्कृति मंत्रालय से यह आग्रह किया है कि वाराणसी को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी घोषित करवाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, ताकि हमारी इस प्राचीन और पवित्र नगरी को विश्व स्तर पर वह सम्मान मिल सके जिसकी वह वास्तव में हकदार है.

जीसीबी/एएस

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