ईडी ने विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कडप्पा के सांसद के ठिकानों पर तलाशी ली

हैदराबाद, 21 अगस्त . Enforcement Directorate ने Friday को हैदराबाद में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी से जुड़े ठिकानों और आंध्र प्रदेश के वाईएसआर कडपा जिले में स्थित घर सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. यह तलाशी उनके चाचा और पूर्व राज्य मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई.

ईडी के अधिकारियों ने सुबह हैदराबाद में दो जगहों और कडपा जिले में चार जगहों पर तलाशी शुरू की. तलाशी कडपा के सांसद अविनाश रेड्डी, उनके पिता वाई.एस. रेड्डी और हत्या के मामले में शामिल अन्य आरोपियों के ठिकानों पर की जा रही थी.

ईडी अधिकारियों की एक टीम हैदराबाद के कोकापेट में सांसद के घर पर तलाशी ले रही थी. एक दूसरी टीम कडपा जिले के पुलिवेंदुला शहर में उनके घर गई, लेकिन वहां घर पर ताला लगा मिला. अन्य आरीप सुनील यादव, देवीरेड्डी शिवशंकर रेड्डी और येरा गंगिरेड्डी से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई.

केंद्रीय एजेंसी ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले और उसके द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की. पिछले साल अगस्त में ईडी ने एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी.

एजेंसी हत्या से पहले हुए पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है. आरोप है कि विवेकानंद रेड्डी की हत्या के लिए 4 करोड़ रुपये दिए गए थे. ईडी के अधिकारी पैसों के लेन-देन का पता लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच करने की कोशिश कर रहे हैं.

पूर्व Chief Minister वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के भाई और पूर्व Chief Minister व वाईएसआरसीपी अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की हत्या 15 मार्च 2019 को चुनावों से कुछ सप्ताह पहले पुलिवेंदुला में उनके घर पर कर दी गई थी.

राज्य के 68 वर्षीय पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद अपने घर पर अकेले थे, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी.

सीबीई ने 2020 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच अपने हाथ में ली. कोर्ट ने विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था, उन्होंने कुछ रिश्तेदारों पर शक जताया था.

सीबीआई ने 2023 में अविनाश रेड्डी के पिता वाई.एस. रेड्डी और उनके सहयोगी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था. इस मामले में पहली चार्जशीट 2021 में और सप्लीमेंट्री चार्जशीट 2022 और 2023 में दाखिल की गई थी.

सीबीआई का दावा था कि अविनाश और रेड्डी ने मिलकर विवेकानंद रेड्डी को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी, क्योंकि वे कडप्पा Lok Sabha सीट से अविनाश रेड्डी को उम्मीदवार बनाने के खिलाफ थे और चाहते थे कि जगन मोहन रेड्डी उनकी जगह अपनी मां विजयम्मा या बहन शर्मिला को उम्मीदवार बनाएं. हालांकि, पिता-पुत्र की जोड़ी ने इन आरोपों से इनकार किया.

तेलंगाना हाई कोर्ट ने 31 मई, 2023 को अविनाश रेड्डी को अग्रिम जमानत दे दी थी. अगस्त 2025 में सीबीआई ने Supreme Court को बताया कि उसने इस मामले की जांच पूरी कर ली है.

मार्च 2026 में Supreme Court ने विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता की याचिका खारिज कर दी. इस याचिका में सीबीआई से और जांच कराने की मांग की गई थी और साथ ही अविनाश रेड्डी को मिली अग्रिम जमानत और अन्य आरोपियों को मिली जमानत को चुनौती दी गई थी.

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ओपी/एएस

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