
रायपुर, 3 मई . Enforcement Directorate (ईडी), रायपुर जोनल कार्यालय ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत एक साथ तलाशी अभियान चलाए. छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 ठिकानों पर तलाशी ली गई.
ईडी ने Sunday को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि 30 अप्रैल को जिन ठिकानों पर तलाशी ली गई, वे शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कारोबारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े थे, जिन पर इस घोटाले से पैदा हुई ‘अपराध की आय’ को हासिल करने, संभालने, छिपाने या उसका हेरफेर करने का शक था.
तलाशी के दौरान 53 लाख रुपए का कैश और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित मूल्य 4.86 करोड़ रुपए) जब्त किए गए, जिससे कुल जब्ती लगभग 5.39 करोड़ रुपए हो गई. इसके अलावा, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण/डाटा भी बरामद किए गए, जिनका फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है.
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रायपुर द्वारा दर्ज की गई मूल First Information Report के आधार पर ईडी पीएमएलए, 2002 के तहत छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही है. जांच से एक सुनियोजित और संगठित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें Political अधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब डिस्टिलर, एफ-10ए लाइसेंसधारी और उनके सहयोगी शामिल थे.
यह साजिश 2019-2022 की अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन की वसूली के लिए रची गई थी. अब तक ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अपनी चार्जशीट में इस घोटाले से पैदा हुई कुल अपराध की आय का अनुमान लगभग 2,883 करोड़ रुपए लगाया है.
जांच के दौरान, ईडी ने अब तक पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन Chief Minister के बेटे और तत्कालीन Chief Minister के उप सचिव शामिल हैं. जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ी है, जिसमें डिस्टिलर, कैश हैंडलर, हवाला के जरिए पैसे भेजने वाले, एफएल-10ए लाइसेंस धारक और Political सहयोगी शामिल हैं.
अब तक, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5 के तहत छह प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) जारी किए हैं, जिनके तहत मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल लगभग 380 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है. कुर्क की गई संपत्तियों में रिहायशी और कमर्शियल रियल एस्टेट, बैंक बैलेंस, वाहन, गहने और शेयर शामिल हैं और ये विभिन्न आरोपियों और उनकी बेनामी संस्थाओं से संबंधित हैं. पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी, New Delhi ने कई मामलों में कुर्की की पुष्टि की है.
ईडी ने रायपुर में पीएमएलए मामलों के लिए विशेष अदालत के समक्ष छह अभियोजन शिकायतें भी दायर की हैं, जिनमें 81 आरोपियों और संस्थाओं के नाम शामिल हैं. इन मामलों पर विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में सक्रिय रूप से सुनवाई चल रही है.
मौजूदा तलाशी अभियानों से और भी सबूत मिले हैं. कानून के अनुसार कुर्की, अभियोजन शिकायतों और पीएमएलए के तहत अन्य कार्यवाहियों के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आगे की जांच जारी है.
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पीआईएम/वीसी