
कोलकाता, 16 मार्च . Enforcement Directorate (ईडी) ने Monday को पश्चिम बंगाल में कथित अवैध कॉल सेंटर ऑपरेशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया. अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी की टीमों ने राज्य में करीब 10 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज मामले से संबंधित है.
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी Monday सुबह शुरू हुई और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख शहरों में की जा रही है. जिन स्थानों पर कार्रवाई चल रही है, उनमें सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर जैसे शहर शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध कॉल सेंटर नेटवर्क से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित गतिविधियों की जांच का हिस्सा है.
जांच एजेंसी को इस नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में कुछ अहम सूचनाएं मिली थीं. इन्हीं सूचनाओं के आधार पर Enforcement Directorate ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी लेने का निर्णय लिया.
अधिकारियों का मानना है कि इन कॉल सेंटरों के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और अवैध तरीके से प्राप्त धन को विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर किया गया.
अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं, उनमें सुराश्री कर, सम्राट घोष और सुभाजीत चक्रवर्ती समेत कई अन्य लोग शामिल हैं. हालांकि एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर अभी किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है.
जांच के दौरान एजेंसी की टीमें दस्तावेजों, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही हैं. माना जा रहा है कि इन सामग्रियों से कॉल सेंटर के संचालन, वित्तीय लेन-देन और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.
Enforcement Directorate के अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी अभियान का उद्देश्य अवैध गतिविधियों से जुड़े सबूत जुटाना और धन के स्रोत तथा उसके प्रवाह का पता लगाना है. फिलहाल कई स्थानों पर जांच जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
Enforcement Directorate के अधिकारी कुछ भी नहीं बता रहे हैं. सूत्रों के अनुसार कार्रवाई में अवैध कॉल सेंटर नेटवर्क में कई लोगों के नाम सामने आ सकते हैं.
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एसएके/एएस