मध्य प्रदेश: सड़क निर्माण अनियमितता मामले में ईडी ने 2.93 करोड़ रुपए की बैंक राशि फ्रीज की

Bhopal , 21 जून . सड़क निर्माण में अनियमितताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में ईडी ने Madhya Pradesh के रीवा और जबलपुर जिलों में विभिन्न परिसरों से 2.93 करोड़ रुपए के बैंक डिपॉजिट फ्रीज किए और 23.50 लाख रुपए नकद जब्त किए. एक अधिकारी ने Sunday को यह जानकारी दी.

Enforcement Directorate (ईडी), Bhopal जोनल कार्यालय ने Governmentी ठेकेदारों द्वारा सड़क निर्माण में “टुमेन से संबंधित फर्जी बिल जमा करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में 19 जून को तलाशी अभियान चलाया.

तलाशी के दौरान, संपत्ति दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और 23.50 लाख रुपए नकद सहित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए. बयान में कहा गया है कि 2.93 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट भी बरामद किए गए और फ्रीज कर दिए गए.

ईडी ने Madhya Pradesh Police, रीवा और जबलपुर की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा आईपीसी 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज की गई विभिन्न First Information Report के आधार पर पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की.

जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि ठेकेदारों ने Madhya Pradesh ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरआरडीए) की परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों के Governmentी कर्मचारियों/अधिकारियों के साथ मिलकर जाली और मनगढ़ंत बिल जमा करके सड़क निर्माण के डामर/बिटुमेन कार्य के लिए Governmentी भुगतान धोखाधड़ी से प्राप्त किए.

ईडी ने बताया कि ठेकेदारों ने कथित तौर पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), India पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के 55.60 करोड़ रुपए के बिलों में हेराफेरी की, जिससे Governmentी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ.

एक अलग घटनाक्रम में, ईडी, Bhopal क्षेत्रीय कार्यालय ने 17 जून को मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण से संबंधित एक मामले में सुनील कुमार त्रिपाठी और अन्य के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत विशेष न्यायालय (पीएमएलए), Bhopal में एक पूरक अभियोग शिकायत दर्ज की. आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने दूध की वसा को ताड़ के तेल और अन्य हानिकारक रसायनों से प्रतिस्थापित किया था.

ईडी ने बताया कि विशेष न्यायालय ने आरोपियों को पेशी के लिए नोटिस जारी किए हैं.

ईडी ने Bhopal के हबीबगंज Police स्टेशन और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (जेजीएफपीएल) के निदेशकों, अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज First Information Report के आधार पर जांच शुरू की.

इससे पहले, ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत इस मामले में 23.59 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था. ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत जेजीएफपीएल के प्रबंध निदेशक किशन मोदी और कंपनी के पूर्व सीईओ सुनील कुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं.

एमएस/

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