
New Delhi, 4 फरवरी . संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने Wednesday को बताया कि दूरसंचार विभाग के एफआरआई सिस्टम से वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मोबाइल नंबर की पहचान करना आसान हुआ.
Lok Sabha में पूछे एक प्रश्न का लिखित में उत्तर देते हुए Union Minister ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (एफआरआई) विकसित किया है, जो एक रिस्क-बेस्ड मेट्रिक है. यह किसी मोबाइल नंबर को वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम के साथ जुड़े होने के रूप में वर्गीकृत करता है.
Union Minister ने आगे बताया कि एफआरआई के आधार पर, बैंक और यूपीआई सेवा प्रदाताओं जैसे हितधारक अपने संबंधित क्षेत्रों में जुड़े खातों या प्रोफाइल के विश्लेषण के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू करते हैं. हितधारकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, लेनदेन को अस्वीकार करने और नागरिकों को दिए गए अलर्ट/नोटिफिकेशन के आधार पर अब तक 1000 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी राशि को रोका गया है.
Union Minister ने कहा कि इसके साथ, दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने और राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए कई अन्य उपाय भी किए हैं.
इन उपायों के बारे में विस्तार से बात करते हुए पेम्मासानी ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने नागरिकों की सुविधा के लिए संचार साथी नामक एक पहल शुरू की है, जो वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के रूप में उपलब्ध है.
यह नागरिकों को संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने, अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त करने, खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की रिपोर्ट करने और मोबाइल हैंडसेट की प्रामाणिकता की जांच करने जैसी सुविधाएं प्रदान करता है.
Union Minister के मुताबिक, संचार साथी के माध्यम से अब तक 8.33 लाख खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद किए गए हैं, नागरिकों द्वारा ‘नॉट माय नंबर’ या ‘नॉट रिक्वायर्ड’ के रूप में रिपोर्ट किए गए 2.24 करोड़ मोबाइल कनेक्शन काट दिए गए हैं और संदिग्ध एवं धोखाधड़ी के संचार से संबंधित नागरिकों द्वारा दी गई 7.7 लाख जानकारियों के आधार पर 39.44 लाख मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं.
Union Minister ने आगे कहा कि दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने भारतीय मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पूफ़्ड कॉल्स की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए एक प्रणाली विकसित की है. इस प्रणाली के परिणामस्वरूप ऐसी कॉल्स के प्रयासों में लगभग 99 प्रतिशत की कमी आई है.
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एबीएस/