आतंकियों से निपटने, उनके कैंप नष्ट करने के अभ्यास के साथ पूरा हुआ ‘डस्टलिक’

New Delhi, 24 अप्रैल . India और उज्बेकिस्तान के बीच आयोजित संयुक्त युद्धाभ्यास ‘डस्टलिक’ Friday को संपन्न हो गया. यह युद्धाभ्यास दोनों देशों की सेनाओं द्वारा उज्बेकिस्तान में किया जा रहा था. यहां जवानों ने बेहद तेज गोलीबारी को अंजाम दिया और गोलीबारी का त्वरित जवाब भी दिया.

रॉकेट से हमले करने का युद्धाभ्यास किया गया. युद्ध क्षेत्र में मानव रहित यंत्रों व ड्रोन का उपयोग, घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने अभ्यास भी इस मिशन का हिस्सा रहा. युद्धाभ्यास के दौरान दुश्मन के ठिकानों की टोही और निगरानी व आतंकी कैंप में घुसकर कार्रवाई करने का अभ्यास भी किया गया. युद्धाभ्यास में पर्वतारोहण, रस्सी के सहारे उतरना, स्नाइपर कार्रवाई भी शामिल रही. भारतीय सेना का कहना है कि यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच सामरिक तालमेल और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा.

अभ्यास के दौरान सैनिकों ने अवैध सशस्त्र समूहों को निष्क्रिय करने से जुड़े विभिन्न ऑपरेशनों का अभ्यास किया. इससे वास्तविक परिस्थितियों में संयुक्त कार्रवाई की तैयारियों को और बेहतर बनाया जा सकेगा. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद-रोधी अभियानों में दोनों देशों के अनुभवों और श्रेष्ठ तरीकों का आदान-प्रदान करना था. युद्धाभ्यास में आधुनिक युद्धक रणनीतियों, समन्वित कार्रवाई और विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया.

सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार युद्धाभ्यास ‘डस्टलिक’ ने न केवल India और उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग को और सुदृढ़ किया, बल्कि दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी यानी एक साथ मिलकर प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता को भी बेहतर बनाया. इससे भविष्य में किसी भी संयुक्त मिशन या ऑपरेशन को अधिक कुशलता से अंजाम देने में मदद मिलेगी. समापन समारोह के दौरान दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने अभ्यास की सफलता पर संतोष व्यक्त किया और इसे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और गहरा करने की दिशा में अहम बताया.

डस्टलिक का यह सातवां संस्करण है. यह युद्धाभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सामरिक दक्षता और संयुक्त अभियान क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. सेना के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में संयुक्त अभियानों की क्षमता को बढ़ाना रहा. इसके अंतर्गत दोनों देशों की सेनाओं ने दुश्मन के खिलाफ संयुक्त योजना निर्माण किया.

सामरिक अभ्यास किए गए. वहीं विशेष सैन्य हथियारों के उपयोग और अवैध सशस्त्र समूहों के विरुद्ध अभियान चलाने की रणनीतियों पर फोकस किया गया. युद्ध कौशलों के अलावा India और उज्बेकिस्तान की सेनाओं ने आतंकवादी कार्रवाई का जवाब देने, छापेमारी, खोज और आतंकवादी ठिकाने नष्ट करने के सैन्य अभियान किए.

जीसीबी/एएस

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