ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ के जवानों ने पाकिस्तान को दिया था मुंहतोड़ जवाब : अमित शाह

बीकानेर, 26 मई . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह Rajasthan के बीकानेर में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. गृह मंत्री अमित शाह Tuesday सुबह प्रहरी सम्मेलन व महिला बैरकों के ई-उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए. वहीं, दोपहर में बॉर्डर आउट पोस्ट पर बीएसएफ के जवानों से संवाद किया.

बीकानेर के भारत-Pakistan सीमा पर स्थित सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ के वीर जवानों से संवाद करते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं बीएसएफ के दो हजार से अधिक शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. जबसे बीएसएफ की स्थापना हुई तबसे सीमा प्रहरियों ने न धूप देखी और न ही ठंड व बारिश की परवाह की. घने जंगल, रेगिस्तान के साथ ही 45 डिग्री से लेकर माइनस 45 तापमान में प्रहरियों ने सीमा की सुरक्षा की है. देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए दो हजार से अधिक जवानों ने अपना बलिदान दिया है.”

महिला बैरक के उद्घाटन का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब हमने तय किया कि हर काम में बेटियों का सहयोग लिया जाएगा और उन्हें मौका दिया जाएगा, तब एक विवाद था कि बॉर्डर की सुरक्षा में बेटियां क्या कर सकती हैं और उनकी सुविधा क्या होगी. गृह मंत्री ने कहा कि मुझे गर्व हो रहा है कि बेटियों ने सुरक्षा में बेटों से दो कदम आगे बढ़कर योगदान दिया है.

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ के जवानों के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं. जहां पर बीएसएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला था, वहां डटे रहे और अन्य सुरक्षाकर्मियों का हौसला भी बनाए रखा. इसके अलावा जहां जरूरत पड़ी, Pakistan को मुहंतोड़ जवाब दिया.

उन्होंने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करने के लिए भी काम करना होगा कि राज्य Government और केंद्र Government की जन कल्याणकारी योजनाएं सीमावर्ती गांवों तक शत प्रतिशत पहुंचे. हमें यहां के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों, किशोरों और युवाओं के साथ जुड़ना होगा. सीमावर्ती गांवों में रहने वालों की जागरुकता से ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को जागरूक कर पाएंगे.”

शाह ने कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है कि यदि सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में किसी भी गांव में कोई अवैध निर्माण होता है, तो हम नागरिक प्रशासन, कलेक्टर और एसपी को सूचित करें. लगभग 1,096 किलोमीटर की पार्श्व सड़क और लगभग 520 किलोमीटर की मुख्य सड़क से संपर्क में सुधार होगा और बीएसएफ कर्मियों की जरूरतों को भी पूरा किया जाएगा. यहां नई डिजाइन की बाड़ लगाने का काम भी चल रहा है और Rajasthan में लगभग 180 सीमा चौकियों पर पेयजल पाइपलाइन परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं.”

गृह मंत्री ने Rajasthan के सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर ‘खेजड़ी’ का पौधरोपण किया. उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षा बलों ने बीते 5 वर्षों में साढ़े 7 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण सुरक्षा और संवेदना का आदर्श स्थापित किया है.

ओपी/पीएम

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